Home›Kheti Kisani›
Unseasonal Rain Havoc Over 1 22 Lakh Hectares Of Crops Damaged In Maharashtra
बेमौसम बारिश का कहर : महाराष्ट्र में ओलावृष्टि और आंधी से 1.22 लाख हेक्टेयर फसल तबाह, 82 हजार किसानों पर संकट
डॉ. उमाशंकर मिश्र, नई दिल्ली
Published by: Umashankar Mishra
Updated Mon, 06 Apr 2026 02:12 PM IST
सार
महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने खेती-किसानी को गहरी चोट पहुंचाई है। 1.22 लाख हेक्टेयर से अधिक फसल प्रभावित हुई है और 82 हजार से ज्यादा किसान इसकी चपेट में आ गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, कुल मिलाकर 82,000 से अधिक किसान इससे प्रभावित हुए हैं।
- फोटो : एआई
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से हो रही बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचाया है। राज्य के कृषि विभाग के अनुसार, अब तक 1.22 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। इस आपदा से आम जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है।
82 हजार से ज्यादा किसान प्रभावित
अधिकारियों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा का असर उत्तरी महाराष्ट्र, पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के कई इलाकों में देखा गया है। कुल मिलाकर 82,000 से अधिक किसान इससे प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान नासिक, अहिल्यानगर, जलगांव, धुले, बुलढाणा और छत्रपति संभाजीनगर जिलों में दर्ज किया गया है।
खड़ी और कटी फसलों को भारी नुकसान
बारिश और तेज हवाओं के कारण गेहूं, चना, ज्वार और बाजरा जैसी तैयार रबी फसलें खेतों में गिर गईं। वहीं, अंगूर, अनार और आम के बागानों में बड़े पैमाने पर फल झड़ गए। इसके अलावा प्याज, टमाटर और मिर्च जैसी सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है, जबकि कई खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
फलों और बागानों पर असर
केला, आम, अंगूर और चीकू जैसी बागवानी फसलों को भी भारी क्षति पहुंची है। खासकर आम के बौर झड़ने से इस साल उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों के अनुसार, इससे उनकी आय पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
उत्तरी महाराष्ट्र सबसे ज्यादा प्रभावित
रिपोर्ट के अनुसार, अकेले उत्तरी महाराष्ट्र में करीब 64,000 हेक्टेयर क्षेत्र की फसल बर्बाद हुई है। इसमें से 50,000 हेक्टेयर से अधिक नुकसान नासिक संभाग में हुआ है। धुले जिले में 8,000 हेक्टेयर से ज्यादा फसल प्रभावित हुई, जबकि सोलापुर और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि ने नुकसान बढ़ाया।
सरकार ने मुआवजे का दिया आश्वासन
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा और नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे जारी है। कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने भी स्वीकार किया कि मार्च के अंतिम सप्ताह में आए इस मौसम बदलाव ने बड़े पैमाने पर नुकसान किया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए सरकार से तुरंत आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुणे और आसपास के क्षेत्रों में हालात गंभीर हैं और किसानों को तत्काल राहत की जरूरत है।
IMD की चेतावनी से बढ़ी चिंता
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 3-4 दिनों में और बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि पहले से ही फसलें भारी नुकसान झेल चुकी हैं।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।