वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश के जीरो से भेजी गई 1.5 मीट्रिक टन कीवी की परीक्षण खेप संयुक्त अरब अमीरात के दुबई पहुंची है। यह विदेशी खुदरा बाजार में फल की स्वीकार्यता परखने की शुरुआती पहल है। खेप मंत्रालय के अधीन कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने भेजी। इसे अल कुसैस के लुलु हाइपरमार्केट में प्रदर्शित किया गया।
पूर्वोत्तर मंत्रालय के तहत अभियान
यह निर्यात अभियान पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) के तहत, व्यापार एवं वाणिज्य विभाग और अरुणाचल के बागवानी विभाग के समन्वय से चला। यह "कीवी: अरुणाचल प्रदेश की यूएसपी" नामक क्षेत्रीय प्रचार का हिस्सा है, जिसका मकसद स्थानीय किसानों को विदेशी व्यावसायिक बाजार से जोड़ना है।
लॉजिस्टिक्स से बढ़कर सीधे बाजार परीक्षण
फल के खुदरा शेल्फ पर पहुंचने से परियोजना शुरुआती लॉजिस्टिक्स से आगे बढ़कर सीधे बाजार परीक्षण में पहुंच गई। स्टोर में उपभोक्ताओं को चखाया गया और खरीदारों की प्रतिक्रिया ली गई। इससे मांग, प्रस्तुति, पैकेजिंग की जरूरतों और गुणवत्ता मानकों का आकलन होगा।
अरुणाचल में कीवी की कई किस्में
अरुणाचल की ऊंचाई और जलवायु में मोंटी, एलीसन, ब्रूनो और हेवर्ड जैसी अलग-अलग कीवी किस्में होती हैं। विदेश में हेवर्ड में खास व्यावसायिक रुचि है। परीक्षण से क्षेत्रीय सहकारी समितियों और आगे की खेप भेजने वाले निर्यातकों को आधार आंकड़े मिलेंगे।
राज्य में रवानगी कार्यक्रम में कृषि एवं संबद्ध विभाग मंत्री गैब्रियल डी. वांगसू और व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री के सलाहकार डॉ. मोहेश चाई शामिल हुए। जीरो विधायक हागे अप्पा, कृषि एवं बागवानी की विशेष सचिव रिशिता गुप्ता, व्यापार एवं वाणिज्य सचिव बुल्लो मामू, बागवानी सचिव कोज रिन्या और आईसीईआर शिलांग के निदेशक कदिरवेल गोविंदासामी भी मौजूद रहे। कीवी ग्रोअर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी और फेयर एक्सपोर्ट्स इंडिया प्रा. लि. के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और किसान भी थे।
एपीडा पूर्वोत्तर के कृषि व बागवानी उत्पादों के प्रचार और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच में मदद जारी रखे हुए है। दुबई में कीवी की यह आवक और खुदरा प्रदर्शन विदेशी बाजार की संभावना परखने और स्थानीय उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए तैयार करने का अवसर है।