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काले जादू की राजधानी कहलाता है भारत का ये गांव : आज भी जीवित हैं रहस्यमयी परंपराएं

गांव जंक्शन, नोएडा Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 22 Jun 2025 05:38 PM IST
सार

मायोंग गांव का नाम ही रहस्य से जुड़ा हुआ है। कुछ इतिहासकार मानते हैं कि 'मायोंग' शब्द 'माया' (मंत्र-तंत्र या भ्रम) से बना है, जबकि कुछ इसे तिब्बती शब्द 'मियोंग' (जो कि एक पौराणिक स्थान को दर्शाता है) से जोड़ते हैं।

काले जादू की राजधानी कहलाता है भारत का ये गांव
काले जादू की राजधानी कहलाता है भारत का ये गांव - फोटो : AI Image
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विस्तार
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भारत में हजारों गांव ऐसे हैं, जो अपनी अनोखी परंपरा से जाने जाते हैं। ऐसा ही एक गांव असम के मोरीगांव जिले में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा हुआ है। इसे मायोंग गांव के नाम से जाना जाता है। यह गांव भारत का ऐसा स्थान है जिसे आमतौर पर लोग 'ब्लैक मैजिक की राजधानी' के नाम से जानते हैं। इतिहास, रहस्य और जादुई कहानियों से भरा यह गांव न केवल अंधविश्वास की परंपराओं को दर्शाता है, बल्कि भारतीय लोककथाओं में एक अलग ही स्थान रखता है।

रहस्यमय इतिहास
मायोंग गांव का नाम ही रहस्य से जुड़ा हुआ है। कुछ इतिहासकार मानते हैं कि 'मायोंग' शब्द 'माया' (मंत्र-तंत्र या भ्रम) से बना है, जबकि कुछ इसे तिब्बती शब्द 'मियोंग' (जो कि एक पौराणिक स्थान को दर्शाता है) से जोड़ते हैं। यहां सदियों पहले से तांत्रिक साधनाओं का अभ्यास होता आ रहा है। ऐसा दावा किया जाता है कि यहां के साधु-संतों के पास ऐसी शक्तियां थीं, जिनसे वे अदृश्य हो सकते थे, शत्रु को वश में कर सकते थे और जानवरों को बिना छुए वश में कर लेते थे।

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जीवित हैं रहस्यमयी परंपराएं

मायोंग में आज भी कई परिवार हैं जो पीढ़ियों से तांत्रिक और ओझा विद्या का अभ्यास कर रहे हैं। यहां तक कि बच्चे भी कुछ सामान्य टोटकों और झाड़-फूंक में माहिर होते हैं। यह भी माना जाता है कि यहां के तांत्रिकों के पास ऐसी पुस्तकें और ग्रंथ हैं, जिनमें अद्भुत और खतरनाक तंत्र-मंत्रों का उल्लेख है। दावा किया जाता है कि पुराने समय में मायोंग के तांत्रिक युद्ध के समय शत्रुओं को गायब कर देते थे। कई बार लोग कहते हैं कि यहां लोग शेर जैसे जंगली जानवर को भी मंत्रों से वश में कर लेते थे। एक प्राचीन कथा के अनुसार, मायोंग में एक तांत्रिक ने सिर्फ मंत्रों के बल पर लोहे की जंजीर को तोड़ दिया था।

मायोंग और पर्यटन
आज मायोंग गांव पर्यटकों के लिए एक रहस्यमयी आकर्षण बन चुका है। रोमांच और अलौकिकता में रुचि रखने वाले लोग यहां खासतौर पर आते हैं। मायोंग म्यूज़ियम में आप पुराने जादुई औजार, तांत्रिक ग्रंथ, ताम्रपत्र और कई दुर्लभ वस्तुएं देख सकते हैं। स्थानीय गाइड आपको तांत्रिक परंपराओं और प्राचीन चिकित्सा विधियों के बारे में बताते हैं। 

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अंधविश्वास या परंपरा?
ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बैठकर इस जगह की रहस्यमयी शांति को महसूस करना भी एक अलग अनुभव है। जहां एक ओर विज्ञान के दृष्टिकोण से मायोंग की कथाएं अंधविश्वास लगती हैं, वहीं दूसरी ओर ये भारत की समृद्ध लोक संस्कृति, तांत्रिक परंपरा और लोगों की आस्था का प्रतीक हैं। यह गांव इस बात का प्रमाण है कि भारत में विज्ञान और रहस्य, आध्यात्म और भूत-प्रेत एक ही धरातल पर एक साथ जीवित रहते हैं। 

परफेक्ट डेस्टिनेशन
अगर आप भारत की छिपी हुई और अलौकिक कहानियों में रुचि रखते हैं, तो मायोंग आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन हो सकता है। यह न केवल एक गांव है, बल्कि एक जीवित रहस्य है, जहाँ समय जैसे ठहर गया हो, और हर पेड़, हर पत्थर में कोई न कोई कहानी छिपी हो। यह जगह रोमांच, रहस्य और परंपरा का अनोखा संगम है।
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