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Jharkhand Mango Festival: आम की खुशबू से महका रांची, मेले में दिखी कई किस्में

गांव जंक्शन, रांची Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 21 Jun 2025 08:01 PM IST
सार

तीन दिवसीय इस महोत्सव की थीम 'ऑर्गेनिक आम और सतत खेती' पर केंद्रित रही। आम्रपाली, मल्लिका, लंगड़ा और गुलाबखास जैसी स्थानीय किस्मों ने इस आयोजन में मेहमानों को पुरानी यादों में लौटा दिया। 
 

हर आम एक कहानी
हर आम एक कहानी - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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झारखंड इन दिनों आम की खुशबू से महक रहा है। राज्य की राजधानी रांची में नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) ने तीसरे आम महोत्सव का आयोजन किया है। यहां फलों के राजा आम का रंग जम चुका है। यह महोत्सव न केवल आमों के स्वाद का उत्सव है, बल्कि यह आदिवासी किसानों के परिश्रम, नवाचार और जैविक खेती के प्रति समर्पण का प्रतीक भी है।

मौजूद रहे ऑर्गेनिक आम
यह आयोजन वाडी परियोजना के तहत संचालित आदिवासी किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के सहयोग से किया जा रहा है, जिनके बागानों में रसायन मुक्त, ऑर्गेनिक आम उगाए जाते हैं। तीन दिवसीय इस महोत्सव की थीम 'ऑर्गेनिक आम और सतत खेती' पर केंद्रित रही। आम्रपाली, मल्लिका, लंगड़ा और गुलाबखास जैसी स्थानीय किस्मों ने इस आयोजन में मेहमानों को पुरानी यादों में लौटा दिया। 

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हर आम एक कहानी
नाबार्ड द्वारा जारी बयान में कहा गया कि, “यह महोत्सव झारखंड के भूले-बिसरे स्वादों को दोबारा लोगों तक पहुंचाने और रसायन मुक्त फल संस्कृति को बढ़ावा देने का प्रयास है।” नाबार्ड झारखंड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम सिंह ने कहा, “यह महज फलों का मेला नहीं, बल्कि बदलाव की जीवंत प्रदर्शनी है। हर आम एक कहानी है। जैविक खेती, स्थिरता और लचीलेपन की कहानी। इन आमों में आदिवासी किसानों की मेहनत, स्वावलंबन और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की खुशबू रची-बसी है।”

एफपीओ के लिए बड़ा मंच
इस महोत्सव ने आदिवासी एफपीओ को मुख्यधारा के शहरी बाजारों से जोड़ने का काम किया है। शहरी उपभोक्ता इन जैविक उत्पादों का स्वाद चख कर किसानों के जीवन में आए बदलाव को भी महसूस कर सके। नाबार्ड के अनुसार, यह महोत्सव केवल स्वाद और व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि यह झारखंड की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक खेती और स्वास्थ्य चेतना को जोड़ने वाला एक सशक्त मंच है।

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झारखंड राज्य सहकारी बैंक के मुख्यालय में आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन प्रकाश सिंह ने किया। उन्होंने इस आयोजन को सतत कृषि और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।


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