पंजाब के मोगा जिले का रणसिंह कलां गांव विकास की ऐसी मिसाल पेश कर रहा है, जहां स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति के लिए ग्रामीणों ने मिलकर अनूठी पहल की है। यहां भूमिगत सीवरेज और ट्रीटमेंट प्लांट से गंदे पानी को साफ कर 150 एकड़ से अधिक खेतों की सिंचाई की जाती है। गांव की आधुनिक AC लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को पढ़ाई के लिए आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जाता है। प्लास्टिक के बदले राशन, कचरा जमा करने पर भुगतान, पेड़ लगाने के लिए मानदेय और नशा छोड़ने वालों को इनाम व मुफ्त इलाज जैसी पहल इस गांव को खास बनाती हैं। पिछले सात वर्षों से यहां पराली जलाने पर भी रोक लगी हुई है। आखिर कैसे पंचायत और ग्रामीणों ने मिलकर गांव की तस्वीर बदली? देखिए गांव जंक्शन की यह खास रिपोर्ट।
HIGHLIGHTS
पंजाब का ऐसा गांव, जहां गलियां चमकती हैं और नशे से दूर है समाज
पढ़ने पर मिलते हैं पैसे, AC लाइब्रेरी में होती है प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
सीवर के पानी का ट्रीटमेंट, 150 एकड़ खेतों की सिंचाई, पानी की हर बूंद का इस्तेमाल
प्लास्टिक दो, राशन लो; कचरे के बदले ग्रामीणों को मिलता है भुगतान
नशा छोड़ने पर ₹11,000 इनाम और मुफ्त इलाज, बदलाव की अनूठी पहल
पराली जलाना बंद, हरियाली को बढ़ावा; ग्रामीणों ने मिलकर बदली गांव की तस्वीर