सोनीपत के खेवड़ा में किसान नवीन कुमार ने पारंपरिक और सब्जियों की खेती छोड़कर लीलियम फूलों की खेती को अपनाया। 2015 में 1 एकड़ से शुरू हुई खेती आज 4 एकड़ तक पहुंच गई है। एक एकड़ में करीब 80 हजार बल्ब लगाए जाते हैं और हर 7–10 दिन में 20–25 हजार नए बल्ब लगाए जाते हैं, जिससे फरवरी तक लगातार मंडी में सप्लाई बनी रहती है।
ओरिएंटल और एशियाटिक लीलियम की अलग-अलग किस्मों के साथ किसान एक फसल से करीब ₹12 लाख और साल में दो फसलों से प्रति एकड़ ₹24 लाख तक की शुद्ध बचत का दावा करते हैं। पॉलीहाउस में LED लाइट, कोकोपीट और नियंत्रित तापमान जैसी तकनीकों से फूलों की गुणवत्ता और उत्पादन को संभाला जाता है।
HIGHLIGHTS
1 एकड़ से 4 एकड़ तक पहुंची लीलियम खेती
एक एकड़ में 80 हजार बल्ब, भारी निवेश
ओरिएंटल में ₹15, एशियाटिक में ₹8–10 प्रति बल्ब बचत
एक फसल से ₹12 लाख, साल में ₹24 लाख तक शुद्ध बचत
हर 7–10 दिन में बल्ब लगाकर लगातार मंडी सप्लाई
पॉलीहाउस में LED से बचाई जाती हैं लीलियम की कलियां