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Vegetable: अगेती सब्जियों की खेती में इन किस्मों का करें चयन, जलभराव से बचने के लिए अपनाएं रेज्ड बेड तकनीक

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Thu, 24 Sep 2026 07:08 PM IST
सार

मिर्च की काशी अनमोल, टमाटर की काशी अमन, बैंगन की काशी संदेश-काशी उत्तम और गोभी की सबौर एग्रीम जैसी किस्में अगेती खेती के लिए उपयोगी हैं। बारिश में जलभराव से बचने के लिए उठी क्यारियों पर रोपाई करने की सलाह दी गई है।

सब्जियों की खेती
सब्जियों की खेती - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अगेती सब्जियों की खेती किसानों के लिए कम समय में अच्छी आमदनी का जरिया बन सकती है। बाजार में शुरुआती दिनों में सब्जियों की मांग और भाव अक्सर बेहतर मिलते हैं। ऐसे में मिर्च, टमाटर, बैंगन और गोभी की अगेती फसल लगाने वाले किसानों के लिए अच्छे बीज और सही किस्म का चुनाव सबसे जरूरी है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, सही किस्म के साथ खेत में जलभराव से बचाव किया जाए तो पौधों को गलने-सड़ने से बचाया जा सकता है और अच्छी उपज ली जा सकती है।

मिर्च से गोभी तक इन किस्मों का करें चयन
कृषि वैज्ञानिक ने अगेती सब्जियों की खेती के लिए कुछ उन्नत किस्मों का चयन करने की सलाह दी है।
  • मिर्च : काशी अनमोल
  • टमाटर : काशी अमन
  • बैंगन : काशी संदेश और काशी उत्तम
  • अगेती गोभी : सबौर एग्रीम, पूसा दीपाली और सोनाली 45

इन किस्मों की खेती से किसान अच्छी गुणवत्ता वाली उपज प्राप्त कर सकते हैं। अगेती फसल तैयार होने पर बाजार में शुरुआती मांग का फायदा भी मिल सकता है।

बारिश में जलभराव से फसल को खतरा
बारिश के मौसम में खेत में अधिक नमी और पानी जमा होने से सब्जियों की नर्सरी और मुख्य खेत में पौधों के गलने-सड़ने की समस्या बढ़ जाती है। खासकर छोटे पौधों में डैम्पिंग ऑफ रोग का खतरा रहता है। इसमें पौधे का तना जमीन के पास से कमजोर होकर गलने लगता है और पौधा सूख जाता है। इससे बचने के लिए खेत में पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था करना जरूरी है। किसान सामान्य समतल खेत में सीधे पौध लगाने के बजाय उठी हुई क्यारियों या मेड़ों पर पौधों की रोपाई कर सकते हैं।

रेज्ड बेड पर करें सब्जियों की रोपाई
किसानों के लिए रेज्ड बेड यानी उठी हुई क्यारी की तकनीक उपयोगी हो सकती है। इसमें मिट्टी को उठाकर क्यारी बनाई जाती है और उस पर पौधों की रोपाई की जाती है। क्यारियों के बीच बनी जगह से अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाता है।

इस तकनीक से पौधों की जड़ों के आसपास पानी जमा होने की समस्या कम होती है। इससे जड़ों को पर्याप्त हवा मिलती है और उनका विकास भी बेहतर होता है। पौधों को मिट्टी से पोषक तत्व मिलने में भी मदद मिलती है।

खेत की तैयारी पर दें खास ध्यान
अगेती सब्जियों में अच्छी उपज के लिए केवल अच्छी किस्म का बीज लेना ही पर्याप्त नहीं है। खेत की तैयारी, पानी की निकासी, समय पर रोपाई और फसल की नियमित निगरानी भी जरूरी है। बारिश के दौरान खेत में पानी जमा होने पर तुरंत उसकी निकासी करें। नर्सरी में भी अतिरिक्त पानी न रुकने दें। पौधों की रोपाई करते समय स्वस्थ और मजबूत पौधों का चयन करें।

शुरुआती बाजार भाव का उठा सकते हैं फायदा
अगेती सब्जियों की फसल सामान्य मौसम की तुलना में पहले तैयार हो जाती है। ऐसे समय में बाजार में आवक कम रहने पर मांग बनी रह सकती है। इससे किसानों को बेहतर भाव मिलने की संभावना रहती है।

वैज्ञानिक तरीके से खेती करने और फसल का सही प्रबंधन करने से नुकसान कम किया जा सकता है। किसान समय पर फसल तैयार कर बाजार तक पहुंचा सकते हैं। अच्छी किस्म, सही समय पर रोपाई और जलभराव से बचाव अगेती सब्जियों की खेती में बेहतर उत्पादन और आमदनी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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