बाराबंकी के मानिकपुर में किसान अनिल वर्मा और उनके बेटे शिवांश वर्मा ने पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक बागवानी की नई शुरुआत की है। दो एकड़ में अमरूद के 1,400 और नींबू के 200 पौधे लगाकर पिता-पुत्र वैज्ञानिक तकनीक से खेती की लागत घटाने पर काम कर रहे हैं। ड्रिप-स्प्रिंकलर से पानी और मजदूरी की बचत, सोलर सिस्टम से बिजली का बिल शून्य और सरसों की खली के इस्तेमाल से खाद पर होने वाला बाहरी खर्च खत्म करने की कोशिश की है। मृदा परीक्षण, संतुलित पोषण और बेहतर फसल प्रबंधन से वे खेती की लागत में 40% तक कटौती कर रहे हैं। अब उन्होंने ट्रायल के तौर पर स्ट्रॉबेरी भी लगाई है। जानिए कैसे पिता का अनुभव और बेटे की आधुनिक सोच खेती को कम लागत वाला और टिकाऊ बनाने में मदद कर रही है।
HIGHLIGHTS
2 एकड़ में 1,600 अमरूद-नींबू के पौधे
खेती की लागत में 40% तक कटौती
सोलर सिस्टम से बिजली का बिल शून्य
ड्रिप-स्प्रिंकलर से पानी और मजदूरी की बचत
सरसों की खली से खाद का बाहरी खर्च खत्म
पिता का अनुभव, बेटे की आधुनिक सोच