पंजाब के मोगा जिले के पंजगराईं गांव में हरमेल सिंह 2010 से रसायन मुक्त जैविक खेती कर रहे हैं। 3 एकड़ में 2 एकड़ हल्दी और 1 एकड़ धान की खेती के साथ उन्होंने 3 साल हल्दी और चौथे साल धान का फसल चक्र अपनाया है। जैविक हल्दी से प्रति एकड़ 70–80 क्विंटल तक उत्पादन होता है, लेकिन असली बदलाव फसल की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से आया।
फूड टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रहीं बेटी जसप्रीत कौर अब प्रोसेसिंग यूनिट संभाल रही हैं, जहां हल्दी पाउडर, सरसों तेल और मसाले तैयार किए जाते हैं। कच्ची हल्दी मंडी में ₹30–35/kg, बीज के रूप में ₹60/kg और प्रोसेसिंग के बाद हल्दी पाउडर करीब ₹350/kg तक बिकता है। पिता-बेटी का यह मॉडल खेती के साथ प्रोसेसिंग, सीधी बिक्री और स्थानीय रोजगार को जोड़कर एग्री-बिजनेस का रास्ता दिखाता है।
HIGHLIGHTS
मंडी में ₹35/kg, प्रोसेस करके ₹350/kg
विदेश जाने से किया मना, गांव में लगाई प्रोसेसिंग यूनिट
पिता ने उगाई हल्दी, बेटी ने ₹350/kg में बेचा पाउडर
2 एकड़ हल्दी, अपनी यूनिट से तगड़ा मुनाफा
किसान की बेटी फूड साइंटिस्ट: गांव में शुरू किया कमाल बिजनेस
₹35 की कच्ची हल्दी से ₹350 का पाउडर: पिता-बेटी की हिट जोड़ी