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ट्रैक्टर कंपनियों के लिए आसान नहीं होगा 2026-27 : बिक्री की रफ्तार में सुस्ती का खतरा, कमजोर मानसून बना वजह...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Tue, 22 Sep 2026 02:08 PM IST
सार

  • इक्रा ने इस साल ट्रैक्टरों की थोक बिक्री की विकास दर एक से चार प्रतिशत के बीच रहने का 
  • अनुमान लगाया है
  • बीते वित्तीय वर्ष (2025-26) के दौरान थोक बिक्री में 23.5 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई थी
  • कमजोर मानसून इस संभावित सुस्त रफ्तार का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
  • अगस्त में ट्रैक्टर थोक बिक्री 6.5% बढ़ी, लेकिन खुदरा पंजीकरण मात्र 0.8% पर सिमटा।

एआई ट्रैक्टर (सांकेतिक तस्वीर)
एआई ट्रैक्टर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में ट्रैक्टर बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इक्रा एजेंसी के अनुसार, इस साल ट्रैक्टरों की थोक बिक्री की विकास दर एक से चार प्रतिशत के बीच रह सकती है, जो बीते वित्तीय वर्ष के दौरान 23.5 प्रतिशत दर्ज की गई थी। बिक्री में बढ़त की इस सुस्त रफ्तार का बड़ा कारण कम मानसूनी बारिश को माना जा रहा है।
 
थोक बिक्री 6.5% बढ़ी , खुदरा पंजीकरण 1% से पहले ढेर
अगस्त महीने में ट्रैक्टरों की थोक बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 6.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि रिटेल पंजीकरण केवल 0.8 प्रतिशत ही बढ़ा। इक्रा के अनुसार, लगभग 18 महीनों की मजबूत दोहरे अंक की वृद्धि के बाद अब रिटेल मांग पर सुस्ती का असर दिखना शुरू हो गया है। कई ग्रामीण इलाकों में बारिश की कमी भी इस दबाव को और बढ़ा रही है।

कमजोर मानसून बना सबसे बड़ा जोखिम
वित्तीय वर्ष 2027 में ट्रैक्टरों की मांग के लिए मानसून का प्रदर्शन सबसे बड़ा जोखिम बना हुआ है। अल नीनो के प्रभाव के कारण, 14 सितंबर 2026 तक दक्षिण-पश्चिम मानसून की कुल बारिश 'लॉन्ग पीरियड एवरेज' (LPA) की 85 प्रतिशत ही दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पहले चरण के पूर्वानुमान के अनुसार, कुल बारिश लंबे औसत के 90 प्रतिशत (4% कम या ज्यादा) रहने का अनुमान था। हालांकि, बाद के आंकड़ों में देश भर में बारिश में भारी कमी देखी गई है।

किसानों की आय घटेगी, लेकिन कंपनियों का मुनाफा रहेगा सुरक्षित
इक्रा ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश की कमी से खरीफ फसलों के उत्पादन और किसानों की आमदनी को नुकसान पहुंच सकता है। इससे किसानों की ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनरी में निवेश करने की क्षमता कम हो सकती है। अगर ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी का संकट बना रहता है, तो पुराने ट्रैक्टरों को बदलने की मांग में भी देरी आ सकती है।

बिक्री में इस अनुमानित सुस्ती के बावजूद ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनियों का मुनाफा सुरक्षित रहने की संभावना है। इक्रा के अनुसार, कच्चे माल की स्थिर कीमतों के कारण उद्योग की वृद्धि धीमी होने पर भी कंपनियों की लाभप्रदता बनी रहेगी बिक्री का आगे का रास्ता पूरी तरह से मानसून और किसानों की आय पर निर्भर करेगा। अगर बारिश और ग्रामीण नकदी प्रवाह में सुधार होता है, तो ट्रैक्टरों की मांग को समर्थन मिल सकता है। लेकिन अगर बारिश की कमी लंबी खिंचती है, तो पूरे वित्तीय वर्ष 2027 में नए और पुराने ट्रैक्टरों की खरीद में कमी आ सकती है।


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