सिर्फ 400 स्क्वायर फीट से शुरुआत और आज 14 एकड़ में फैली नर्सरी, जहां 500 से ज्यादा किस्मों के पौधे तैयार होते हैं। किसान नरेंद्र सिंह चौहान हर साल 20 लाख ग्राफ्टेड फलदार पौधे और डेढ़ लाख मसालों के पौधे तैयार करते हैं। आम की 65 वैरायटी, काली हल्दी, तेजपत्ता और दुर्लभ फलदार पौधों के साथ उनकी नर्सरी किसानों को ग्राफ्टिंग की मुफ्त ट्रेनिंग भी देती है। इतना ही नहीं, बिना जमीन वाले लोग भी ड्रम में ड्रैगन फ्रूट उगाने का उनका मॉडल अपना सकते हैं। आखिर कैसे तैयार करते हैं इतनी किस्मों के पौधे और कैसे पहुंचा उनका नर्सरी कारोबार करीब ₹12 करोड़ सालाना टर्नओवर तक? देखिए गांव जंक्शन की यह खास रिपोर्ट।
HIGHLIGHTS
400 स्क्वायर फीट से शुरुआत कर 14 एकड़ में फैलाई नर्सरी
500 से अधिक किस्मों के पौधे, आम की 65 वैरायटी के मदर प्लांट
हर साल 20 लाख ग्राफ्टेड फल और डेढ़ लाख मसालों के पौधे तैयार
देसी पौधों पर कलम बांधकर नई पौध तैयार करते हैं, किसानों को मुफ्त ट्रेनिंग
ड्रम में ड्रैगन फ्रूट उगाने का मॉडल, तीसरे साल एक पौधे से 15–20 किलो उत्पादन का दावा
नर्सरी से सालाना करीब ₹12 करोड़ का टर्नओवर, खर्च अलग