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महिला किसान दिवस : खेती में महिलाओं के योगदान को मिला सम्मान, सफल महिला किसानों पर किताब जारी

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Thu, 15 Oct 2026 06:12 PM IST
सार

  • 15 अक्टूबर को नई दिल्ली में महिला किसान दिवस 2026 मनाया गया।

  • कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतिश चंद्र ने की।

  • खेती और कृषि से जुड़े क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला किसानों को सम्मानित किया गया।

  • ‘भारत की महिला किसान: चुनौतियों से सफलता तक का सफर’ नामक पुस्तक जारी की गई।

खेती में महिलाओं के योगदान को मिला सम्मान
खेती में महिलाओं के योगदान को मिला सम्मान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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देश की खेती में महिलाओं की भूमिका खेतों में काम करने तक सीमित नहीं है। बीजों को सहेजने, पशुपालन, फसल उत्पादन और खेती में नए प्रयोग करने से लेकर ग्रामीण परिवारों की आजीविका मजबूत करने तक महिलाएं अहम योगदान दे रही हैं। इसी योगदान को पहचान देने के लिए 15 अक्टूबर को नई दिल्ली में महिला किसान दिवस 2026 मनाया गया।

इस मौके पर सफल महिला किसानों को सम्मानित किया गया और उनकी संघर्ष से सफलता तक की कहानियों को सामने लाने वाली पुस्तक ‘भारत की महिला किसान: चुनौतियों से सफलता तक का सफर’ जारी की गई। कार्यक्रम में कृषि विकास और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

खाद्य सुरक्षा से लेकर ग्रामीण रोजगार तक महिलाओं की अहम भूमिका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव अतिश चंद्र ने कहा कि महिलाएं खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। वे देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, ग्रामीण परिवारों की आजीविका चलाने, प्राकृतिक संसाधनों को बचाने और कृषि विकास को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई पहल कर रही है। इनमें सीधे आर्थिक सहायता देना, सस्ती संस्थागत ऋण सुविधा उपलब्ध कराना, नई तकनीक की जानकारी देना, कौशल विकास, कृषि मशीनों तक पहुंच और उपज की बिक्री के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल है।

सफल महिला किसानों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में खेती और उससे जुड़े क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाली महिला किसानों को सम्मानित किया गया। उनके नवाचार, मेहनत, नेतृत्व और ग्रामीण उद्यमिता में योगदान को सराहा गया। इस मौके पर ‘भारत की महिला किसान: चुनौतियों से सफलता तक का सफर’ नामक पुस्तक भी जारी की गई। इसमें महिला किसानों की प्रेरणादायक कहानियां शामिल हैं। पुस्तक के जरिए खेती में महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों, नए प्रयोगों और उद्यमिता के सफर को सामने लाने की कोशिश की गई है।

महिला किसानों ने साझा किए अपने अनुभव
कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आई महिला किसानों, कृषि विस्तार कार्यकर्ताओं और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कुछ महिला किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए खेती में आने वाली चुनौतियों, अपनी उपलब्धियों और अपनाई गई नई तकनीकों के बारे में बताया।

कार्यक्रम की थीम ‘विकसित कृषि और विकसित भारत के निर्माण में महिला किसानों की भूमिका’ रखी गई थी। इसका उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाने, टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों की समृद्धि में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करना था।

खेती के हर चरण में योगदान दे रही हैं महिलाएं
महिला किसान फसल उगाने के साथ पशुपालन, बीजों को संरक्षित करने, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन, फसल कटाई के बाद के काम और कृषि उत्पादों से मूल्यवर्धित वस्तुएं तैयार करने में भी योगदान देती हैं। उनका पारंपरिक ज्ञान, नए प्रयोग और मौसम के बदलावों के अनुकूल खेती के तरीके कृषि को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाने में मदद करते हैं।

वहीं, महिला कृषि अधिकारी और कृषि विस्तार कार्यकर्ता भी किसानों तक वैज्ञानिक जानकारी और नई तकनीक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं की जानकारी और कृषि संबंधी सलाह के जरिए वे महिला किसानों को बेहतर खेती अपनाने में मदद करती हैं।

राज्यों में भी मनाया गया महिला किसान दिवस
महिला किसान दिवस 2026 देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी मनाया गया। इसके तहत कृषि विस्तार शिक्षा संस्थानों, राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थानों और राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (MANAGE) में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें महिला किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों ने भाग लिया। आदिवासी क्षेत्रों की महिला किसानों की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया गया।

इस आयोजन के जरिए सरकार ने संदेश दिया कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी, उन्हें संसाधनों और तकनीक तक बेहतर पहुंच देना तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका बढ़ाना जरूरी है। महिला किसानों को सशक्त बनाना खेती के विकास, ग्रामीण आजीविका मजबूत करने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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