उत्तर प्रदेश में गोवंशीय पशुओं में वर्गीकृत वीर्य (Sexed Semen) के इस्तेमाल से बेहतर नस्ल की बछिया पैदा करने की संभावना 90 तक हो सकती है। इस तकनीक से साहीवाल, गिर, गंगातीरी और थारपारकर जैसी देशी नस्लों का संरक्षण और दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है। खास बात यह है कि पशुपालकों को इसके लिए सिर्फ ₹100 की लेवी देनी होती है। इस वीडियो में जानिए यह तकनीक कैसे काम करती है, कहां मिलेगी सुविधा, आवेदन की प्रक्रिया, जरूरी सावधानियां और सरकारी योजना से जुड़ी पूरी जानकारी।
HIGHLIGHTS
सिर्फ ₹100 में गाय को बछिया पैदा करने में मदद करने वाली तकनीक
वर्गीकृत वीर्य से 90 तक मादा संतान की संभावना
सेक्स्ड सीमेन की लागत ₹1,200 से घटकर ₹478 प्रति डोज
यूपी में हर साल 40 लाख सीमेन स्ट्रॉ बनाने की तैयारी
साहीवाल, गिर और गंगातीरी जैसी नस्लों के सुधार पर जोर
सरकारी पशु चिकित्सालय से मिलेगी सेक्स्ड सीमेन की सुविधा