कन्नौज का पारंपरिक इत्र आज भी डेग-भभका और धीमी आंच की पुरानी विधि से तैयार किया जाता है। करीब 100 किलो फूलों से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया में 4–5 घंटे की आसवन प्रक्रिया के बाद इत्र को 10–15 दिन धूप में पकाया जाता है। एक किलो इत्र में करीब 6–8 किलो बेस ऑयल का इस्तेमाल होता है। कन्नौज के इस खास इत्र की मांग चीन, अमेरिका, कनाडा, यूके, स्विट्जरलैंड और जापान समेत कई देशों में है। खास बात यह है कि इत्र निकलने के बाद बचे फूलों का अवशेष भी धूप, अगरबत्ती और हवन सामग्री बनाने में इस्तेमाल होता है।
HIGHLIGHTS
100 किलो फूल से डेग में तैयार होता है कन्नौज का खास इत्र
डेग-भभका और धीमी आंच से बनता है पारंपरिक इत्र
4-5 घंटे की प्रक्रिया, फिर 10-15 दिन धूप में पकता है इत्र
कन्नौज के इत्र की चीन-अमेरिका समेत कई देशों में मांग
इत्र बनने के बाद फूलों का अवशेष भी आता है काम
1 किलो इत्र में 6-8 किलो बेस ऑयल का इस्तेमाल