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Home› Khabar Junction› Two Countries Coffee In One Cup Unique Blend Of Indian Colombian Flavors New 100 Arabica Blend Launched

एक कप में दो देशों की कॉफी : भारत-कोलंबिया के स्वाद का अनोखा मेल, लॉन्च हुआ नया 100% अरेबिका ब्लेंड

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 30 Sep 2026 12:04 PM IST
सार

  • 100% अरेबिका कॉफी से तैयार किया गया है नया ‘द कॉन्टिनेंटल ब्लेंड’।
  • इसमें भारत के चिकमगलूर की MNEB और कोलंबिया के हुइला की Papayo Natural कॉफी शामिल है।
  • दोनों कॉफी को अलग-अलग रोस्ट करके उनकी मूल पहचान और स्वाद बरकरार रखा गया है।
  • स्वाद में बेरी, उष्णकटिबंधीय फल, पाइन नट्स और डार्क चॉकलेट के नोट्स मिलेंगे।

कॉफी का उत्पादन
कॉफी का उत्पादन - फोटो : गांव जंक्शन
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भारतीय और कोलंबियाई कॉफी का स्वाद अब एक ही कप में मिलेगा। Pour Over Coffee Roasters (POCR) 100 प्रतिशत अरेबिका कॉफी का नया ब्लेंड ‘द कॉन्टिनेंटल ब्लेंड’ लॉन्च करने जा रहा है। इसमें कोलंबिया के हुइला की पापायो नेचुरल कॉफी और भारत के चिकमगलूर की MNEB (Mysore Nuggets Extra Bold) कॉफी को मिलाया गया है। कंपनी के मुताबिक, यह नया ब्लेंड 1 अक्टूबर 2026 यानी इंटरनेशनल कॉफी डे से POCR के सभी आउटलेट पर उपलब्ध होगा।

कोलंबिया की फ्रूटी कॉफी, भारत की गहरी खुशबू
इस ब्लेंड में हुइला, कोलंबिया की पापायो नेचुरल कॉफी को हल्का-मध्यम रोस्ट किया गया है। इसमें फल और बेरी जैसे स्वाद प्रमुख हैं। वहीं, चिकमगलूर की MNEB कॉफी को मध्यम रोस्ट किया गया है, जो कॉफी में गहराई और मजबूती लाती है। कंपनी के अनुसार, दोनों कॉफी को मिलाने से कप में उष्णकटिबंधीय फलों और बेरी से लेकर रोस्टेड पाइन नट्स और डार्क चॉकलेट तक के स्वाद महसूस होते हैं। इसमें बेरी मार्मलेड जैसी मिठास, गाढ़ा स्वाद और मुलायम फिनिश मिलती है।

दोनों कॉफी की अलग पहचान बरकरार
POCR ने बिजनेस लाइन को बताया कि दोनों कॉफी के रोस्ट प्रोफाइल अलग रखे गए हैं, ताकि दोनों देशों की कॉफी की अपनी खासियत बनी रहे। कंपनी का उद्देश्य किसी एक कॉफी के स्वाद को दूसरी जैसा बनाना नहीं, बल्कि दोनों की अलग पहचान को एक ही कप में साथ लाना है।

POCR के सह-संस्थापक आदित्य शर्मा ने कहा कि भारत को सिर्फ कॉफी उत्पादक देश के रूप में नहीं, बल्कि दुनिया के स्पेशलिटी कॉफी बाजार में सक्रिय योगदान देने वाले देश के रूप में भी पहचान मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक, भारतीय किसान कॉफी की प्रोसेसिंग के नए तरीकों पर काम कर रहे हैं और दुनिया का ध्यान भी इस ओर बढ़ रहा है।

POCR की संस्थापक रितिका शर्मा ने कहा कि इस ब्लेंड का मकसद कोलंबियाई कॉफी को भारतीय या भारतीय कॉफी को कोलंबियाई बनाना नहीं है। दोनों कॉफी की अपनी पहचान बरकरार रखते हुए उन्हें एक साथ पेश करने की कोशिश की गई है।

बढ़ रहा भारतीय स्पेशलिटी कॉफी का दायरा
यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब भारतीय स्पेशलिटी कॉफी का जुड़ाव दुनिया के दूसरे प्रमुख कॉफी उत्पादक क्षेत्रों से बढ़ रहा है। भारत में अलग-अलग कॉफी उत्पादक क्षेत्रों में अरेबिका और रोबस्टा दोनों की खेती होती है। विशेष रूप से स्पेशलिटी कॉफी रोस्टर और उपभोक्ता अब भारत के साथ-साथ कोलंबिया जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कॉफी उत्पादक देशों की कॉफी को भी पसंद कर रहे हैं। ‘द कॉन्टिनेंटल ब्लेंड’ इसी बढ़ते वैश्विक जुड़ाव को एक कप में पेश करने की कोशिश है।
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