उत्तर प्रदेश : AI इनोवेशन से बदलेगा लखनऊ, गांवों तक पहुंचेगी नई तकनीक, किसानों भी होंगे साथ
गांव जंक्शन डेस्क, लखनऊ
Published by: Umashankar Mishra
Updated Tue, 06 Oct 2026 08:21 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश सरकार लखनऊ को देश के प्रमुख AI इनोवेशन शहरों में शामिल करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले पांच साल में कम से कम 50 AI आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा देने की बात कही है। उनका जोर इस बात पर भी है कि नई तकनीक का फायदा गांव, किसान और ग्रामीण युवाओं तक पहुंचे। जानिए, विस्तार से...
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि लखनऊ को केवल IT सेवाओं का केंद्र नहीं, बल्कि AI, सेमीकंडक्टर, साइबर सिक्योरिटी, कंप्यूटिंग और डीप टेक का बड़ा केंद्र बनाना है। इसके लिए सरकार और उद्योग जगत को साथ मिलकर काम करना होगा।
किसान तक पहुंचे तकनीक का फायदा
मुख्यमंत्री ने विकास को केवल बड़े शहरों और बड़े उद्योगों तक सीमित न रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि असली विकास तब होगा, जब गांव का किसान बेहतर तकनीक का इस्तेमाल कर सके, महिलाओं के लिए आजीविका के नए रास्ते खुलें और ग्रामीण युवा नई अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनें।
कृषि में AI का इस्तेमाल मौसम की जानकारी, फसल की निगरानी, कीट और रोग की पहचान, सिंचाई प्रबंधन और उत्पादन से जुड़े फैसलों में मदद कर सकता है। हालांकि, कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने इन क्षेत्रों के लिए किसी खास AI योजना या लक्ष्य की घोषणा नहीं की है। मुख्यमंत्री का बयान तकनीक के लाभ को गांवों और किसानों तक पहुंचाने की व्यापक दिशा पर केंद्रित रहा।
गांवों के युवाओं के लिए नए अवसर
योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की युवा और प्रतिभाशाली आबादी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है। एक दशक पहले बेहतर करियर के लिए युवाओं को दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था। अब लखनऊ में भी रोजगार और तकनीक से जुड़े अवसर बढ़ रहे हैं।
राज्य में लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ और आगरा में IT पार्क चल रहे हैं। वाराणसी, बरेली, कानपुर और गोरखपुर में नए IT पार्क विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण युवाओं के लिए तकनीक, डिजिटल सेवाओं और नए उद्यमों से जुड़ने के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
सीएम योगी ने कहा, सरकार AI से जुड़े स्टार्टअप्स शुरू करने, उन्हें मजबूत बनाने और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगी। नई स्टार्टअप नीति के तहत लखनऊ और नोएडा को डीप-टेक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने ये बातें, HCLTech के लखनऊ कैंपस की 10वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही हैं।
IT और इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार में तेजी
मुख्यमंत्री के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में IT और IT-enabled services का निर्यात करीब एक दशक पहले 12,000-15,000 करोड़ रुपये था, जो अब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। अगले चार साल में इसे 2.5 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य है।
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी करीब 3,800 करोड़ रुपये से बढ़कर 45,000 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार ने 2030 तक इसे 2 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा है।
गांवों तक पहुंचे विकास की तकनीक
योगी ने HCL की सामाजिक पहलों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, पिछले 10-11 वर्षों में कंपनी के कार्यक्रम 3,000 से अधिक गांवों और 50 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का मतलब केवल बड़े शहरों में बड़े कैंपस बनाना नहीं है। किसान को बेहतर तकनीक, महिलाओं को आजीविका के अवसर, बच्चों को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं तथा ग्रामीण युवाओं को नई अर्थव्यवस्था से जोड़ना ही विकास की असली तस्वीर है।
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