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Soil Testing Before Sowing Rabi Crops Learn The Correct Method For Taking A Soil Sample
मिट्टी की जांच : रबी की बुवाई से पहले अच्छी उपज और कमाई की नींव रखें, जानें मिट्टी का नमूना लेने का सही तरीका
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Devesh Saraswat
Updated Sun, 12 Oct 2025 03:07 PM IST
सार
इस रबी सीजन बुवाई से पहले मिट्टी की सेहत जानकर किसान अच्छी उपज और बेहतर मुनाफे की नींव रख सकते हैं। कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि मिट्टी की जांच के माध्यम से किसान को जमीन की खामियों और जरूरतों का पता चलता है। ऐसे में मिट्टी के हिसाब से किसान संतुलित मात्रा में उर्वरकों का इस्तेमाल और दूसरे उपायों को लागू कर सकते हैं।
मिट्टी की जांच के लिए नमूना लेने का सही तरीका।
- फोटो : सोशल मीडिया
इस रबी सीजन बुवाई से पहले मिट्टी की सेहत जानकर किसान अच्छी उपज और बेहतर मुनाफे की नींव रख सकते हैं। कृषि विशेषज्ञ बताते हैं कि मिट्टी की जांच के माध्यम से किसान को जमीन की खामियों और जरूरतों का पता चलता है। ऐसे में मिट्टी के हिसाब से किसान संतुलित मात्रा में उर्वरकों का इस्तेमाल और दूसरे उपायों को लागू कर सकते हैं।
कैसे लें मिट्टी का नमूना -
नमूना लेने के लिए अपने साथ खुरपी, फावड़ा, गेती, तगारी, नमूना लेने का बर्मा, साफ थैली और धागा साथ रखें।
अब खेत का चुनाव करें - खेत के अंदर की मिट्टी का रंग और प्रकार समेत फसल विकास असमान होने पर खेत को अलग-अलग हिस्सों में बांट लें। अब हर हिस्से से मिट्टी का नमूना लें। बता दें कि सही जांच के लिए खेत की मिट्टी का एक समान होना बेहद अहम है।
नमूना लेने से पहले मिट्टी की ऊपरी सतह से घास-फूस, कंकड़ आदि को साफ कर लें।
एक सही नमूना बनाने के लिए खेत में एक जगह से नहीं, कम से कम आठ से 20 जगहों से मिट्टी का नमूना लें।
नमूना लेने के लिए लगभग 9 इंच का वी-आकार का खड्डा बनाएं। इस खड्डे की एक दीवार से 1 इंच मोटी मिट्टी की एक पतली परत खड्डे की पूरी गहराई तक काट लें। इसी प्रकार अन्य चुने गए स्थानों से भी मिट्टी काटें और एक साफ तगारी, बाल्टी या ट्रे में एकत्रित करें।
नमूना हमेशा जिग-जैग (टेढ़े-मेढ़े) विधि से लिया जाना चाहिए।
अगर खड़ी फसल में नमूना ले रहे हैं, अगर फसल कतारों में बोई गई हो, तो वहां कतारों के बीच से नमूना लें।
एकत्र की गई सभी मिट्टी को हाथ से अच्छी तरह मिलायें। अब इस मिट्टी को फैलाकर बीच में आड़ी और खड़ी लाइन डालकर चार भागों में बांट लें। इसमें आमने-सामने के दो भाग रखें और बाकी को हटा दें। यह प्रक्रिया तब तक दोहराएं जब तक मिट्टी का कुल भार लगभग आधा किलोग्राम (1/2 किग्रा) न रह जाए।
मिट्टी को एक साफ थैली में भरें। दो मोटे कागज के टुकड़ों पर किसान का नाम, खेत की संख्या / पहचान, पता, सिंचित/असिंचित, फसल का नाम, जिसके लिए सिफारिश चाहिए, दूसरी कोई समस्या / जानकारी निलिखकर, एक टुकड़ा थैली के अंदर और दूसरा थैली के मुंह पर धागे से बांध देना चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान -
सिंचाई की नाली, पुरानी मेड़, खाद का ढेर, पेड़-झाड़ आदि के आस-पास से नमूना नहीं लेना चाहिए।
दलदल वाले क्षेत्र, निचले क्षेत्र या पुराने बांध, खड्डों से नमूना नहीं लेना चाहिए।
लाईन वाली फसल में मेड़ के मध्य से नमूना लें।
तैयार नमूना खुला नहीं छोड़ना चाहिए।
बाग लगाने के लिए मिट्टी का नमूना -
बाग लगाने से पहले मिट्टी का नमूना खड्डा खोदकर ऊपरी सतह से 0-30 सेंटीमीटर तक, फिर 30-60, 60-100 तथा 100-150 सेंटीमीटर की गहराइयों से लेना चाहिए। अगर कोई कठोर सतह या कंकर की सतह मिले तो उसकी गहराई एवं मोटाई नोट कर लें और उसका नमूना अलग से लें।
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