महाराष्ट्र में किसानों, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को एग्री-टूरिज्म से जोड़ने की तैयारी है। पर्यटन विभाग ने Agri Tourism India के साथ समझौता किया है, जिसके तहत प्रशिक्षण, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा।
किसानों को मिलेगी नई तरह की ट्रेनिंग
महाराष्ट्र पर्यटन विभाग और Agri Tourism Development Company यानी Agri Tourism India के बीच हुए समझौते का मकसद किसानों, ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और एग्री-टूरिज्म उद्यमियों की क्षमता बढ़ाना है। इसके तहत प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे। एग्री-टूरिज्म केंद्रों पर सेवा और सुरक्षा के मानकों को बेहतर करने के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल पर भी जोर रहेगा।
बारामती में बनेगा प्रशिक्षण केंद्र
पालशीवाड़ी स्थित बारामती एग्री एंड रूरल टूरिज्म ट्रेनिंग सेंटर को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण, शोध, क्षमता विकास और ज्ञान साझा करने के केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। पर्यटन विभाग रणनीतिक मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग देगा, जबकि Agri Tourism India प्रशिक्षण कार्यक्रम और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग आयोजित करेगी।
खेती के साथ दूसरी कमाई
पर्यटन निदेशालय के निदेशक विकास पानसरे ने कहा कि एग्री-टूरिज्म महाराष्ट्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अहम हो सकता है। खेत, स्थानीय संस्कृति, खान-पान, ग्रामीण जीवन और प्राकृतिक संसाधनों को पर्यटन से जोड़कर किसानों के लिए अतिरिक्त आय के रास्ते बनाए जा सकते हैं।
इस पहल का मूल विचार 'Farm First - Tourism Next', यानी खेती पहले और पर्यटन उसका पूरक कारोबार है।