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Report Transforming Farming With Pm Kisan Funds 85 Of Farmers Break Free From Moneylenders
PM KISAN के पैसों से संवार रहे खेती : 85% किसानों का साहूकारों से छूटा पिंड, खरीद रहे बीज-कीटनाशक...
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Devesh Saraswat
Updated Thu, 19 Mar 2026 05:07 PM IST
सार
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में 9.32 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पीएम किसान योजना की 22 वीं किस्त के रूप में 18,640 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जारी किए। इस योजना ने किसानों को कई मोर्चों पर राहत देने का काम किया है। नीति आयोग के सर्वे में सामने आया कि अधिकतर किसान योजना के तहत मिलने वाले पैसे का उपयोग खेती-बाड़ी के इनपुट्स खरीदने में कर रहे हैं। किसानों ने माना है कि योजना के पैसे से खेती से होने वाली आय में सुधार हुआ है। वहीं, सरकार ने योजना की पहुंच को आसान बनाने के लिए भी कई कदम उठाए हैं।
पीएम किसान से अपने खेती-बाड़ी के काम को बेहतर बना रहे किसान।
- फोटो : AI Image
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में 9.32 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पीएम किसान योजना (PM Kisan Scheme) की 22 वीं किस्त के रूप में 18,640 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जारी किए। इस योजना ने किसानों को कई मोर्चों पर राहत देने का काम किया है। नीति आयोग के सर्वे में सामने आया कि अधिकतर किसान योजना के तहत मिलने वाले पैसे का उपयोग खेती-बाड़ी के इनपुट्स खरीदने में कर रहे हैं। किसानों ने माना है कि योजना के पैसे से खेती से होने वाली आय में सुधार हुआ है। वहीं, सरकार ने योजना की पहुंच को आसान बनाने के लिए भी कई कदम उठाए हैं।
अब तक बांटे गए 4.27 लाख करोड़ रुपये
जानकारी के अनुसार, लॉन्च होने के बाद से योजना के तहत किसानों के खाते में कुल 4.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी गई है।
खेती के तरीके में सुधार, टिकाऊ खेती की ओर बढ़े किसान
पीएम किसान योजना किसानों के लिए कई मायनों में मददगार साबित हो रही है। अंडमान-निकोबार में खेती करने वाले अनिल हलदर 2025 के अगस्त महीने में मिली किस्त के पैसों का उपयोग करते हुए तरबूज की खेती मे उतरे।
जम्मू-कश्मीर के दीपक सिंह नेगी किस्त के पैसे का उपयोग बीज, उर्वरक और कीटनाशक खरीदने में करते हैं। वे कहत हैं कि इन इनपुट्स में निवेश कर फसल उपज और गुणवत्ता में सुधार हुआ है।
अंडमान के अमिताभ मंडल किस्त के पैसे से टिकाऊ खेती की तरफ बढ़े। उन्होंने इन पैसों से जैविक खाद खरीदी। उनका मानना है कि इस मदद से खेती की लागत घटी है, मुनाफा बढ़ा है और टिकाऊ खेती के तरीके अपनाने में आसानी हुई है।
अपात्रों से वसूले 416 करोड़, पात्रों को मिली ये सुविधा
इस योजना में अपात्र लोगों को छांटने का काम भी चालू है। गलत तरीके से पीएम किसान की किस्तों को फायदा लेकर बैठे इन लोगों से सरकार ने 2 दिसंबर 2025 तक 416.75 करोड़ रुपये वसूले हैं। वहीं, सरकार ने पात्र किसानों की लिस्ट गांव में लगाने का फैसला लिया है, जिससे लिस्ट में नाम न होने पर पात्र किसान शिकायत दर्ज करा अपना नाम जुड़वा सकेंगे।
मोबाइल पर चेहरा दिखाकर हो रही e-KYC
सरकार ने पीएम-किसान एप में बड़ा बदलाव कर इसमें फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा जोड़ी है, जिससे किसानों को e-KYC का काम करने के लिए दफ्तरों या कंप्यूटर सेंटर नहीं भागना पड़ता है। इस तरह ओटीपी और फिंगरप्रिंट लगाने का झंझट भी खत्म हो गया है। अब किसान इस एप पर अपना चेहरा दिखाकर e-KYC आसानी से पूरी कर सकते हैं।
किसानों को मिला एआई साथी
पीएम किसान योजना से जुड़े किसानों के सवालों का जवाब देने के लिए सरकार ने किसान-ईमित्र नाम का एआई चैटबॉट भी लॉन्च किया है। यह चैटबॉट हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी, गुजराती, मराठी, बंगाली और तमिल सहित 11 भारतीय भाषाओं में काम करता है। किसान दिन-रात (24x7) कभी भी इस पर बोलकर या लिखकर अपनी किस्त का स्टेटस, अपना रजिस्ट्रेशन या योजना से जुड़ी कोई भी जानकारी मांग सकते हैं।
साहूकारों की भूमिका हुई कम, आय में हुआ सुधार
सरकार के अनुसार, इस सीधे पैसे भेजने की योजना का बड़ा असर दिख रहा है। नीति आयोग और अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान के प्रभाव मूल्यांकन (सर्वे) से यह बात सामने आई है कि 92 प्रतिशत से ज्यादा किसान इस पैसे का इस्तेमाल खेती की जरूरी चीजें जैसे- बीज, खाद और कीटनाशक खरीदने में कर रहे हैं। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि करीब 85 प्रतिशत किसानों ने माना है कि पीएम-किसान के पैसे से उनकी खेती की आय में सुधार हुआ है और अब उन्हें छोटी-मोटी जरूरत या आपात स्थिति के लिए साहूकारों या अनौपचारिक जगहों से कर्ज नहीं लेना पड़ता है।
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