विज्ञापन
Home› Sair Sapata› Swad Gali› 700 Kg Adulterated Red Chilli Sauce Seized In Gujarat 6 Easy Homemade Alternatives

बाजार की चटनी से सावधान : गुजरात में 700 किलो मिलावटी रेड चिली सॉस जब्त, घर पर बनाएं ये 6 सुरक्षित विकल्प

गांव जंक्शन डेस्क, लखनऊ Published by: Umashankar Mishra Updated Wed, 19 Aug 2026 08:31 PM IST
सार

गुजरात के पालनपुर में 700 किलो मिलावटी लाल चटनी जब्त होने के बाद बाजार में मिलने वाले सॉस और चटनियों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ी है। घर पर ताजे और आसानी से उपलब्ध सामान से टमाटर चटनी, इमली चटनी, बीटरूट डिप समेत कई स्वादिष्ट विकल्प तैयार किए जा सकते हैं।

बाजार की मिलावटी चटनी से रहें सावधान। घरेलू नुस्खों से बनाएं सेहत से भरी चटनी।
बाजार की मिलावटी चटनी से रहें सावधान। घरेलू नुस्खों से बनाएं सेहत से भरी चटनी। - फोटो : गांव जंक्शन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चटनी और सॉस खाने की साधारण-सी थाली में स्वाद, खुशबू और चटखारा भर देते हैं। लेकिन जब यही स्वाद मिलावट का रास्ता बन जाए तो चिंता होना स्वाभाविक है। हाल ही में गुजरात के पालनपुर में ऐसी ही एक कार्रवाई ने बाजार में बिकने वाली लाल चटनी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं।

पालनपुर में 700 किलो लाल चटनी जब्त
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की हालिया X पोस्ट के अनुसार, गुजरात के बनासकांठा जिले में खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) ने निरीक्षण अभियान के दौरान करीब 700 किलो मिलावटी लाल चटनी जब्त की।

पालनपुर की सब्जी मंडी स्थित एक किराना दुकान से 5-5 किलो की 140 बिना लेबल वाली जार बरामद की गईं। इनकी कुल कीमत 20,940 रुपये बताई गई है। PTI के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सॉस में मिलावट कैसे हो सकती है?
सॉस और चटनी बनाने में लागत घटाने के लिए कुछ निर्माता कथित तौर पर सिंथेटिक रंग, स्टार्च और प्रिजर्वेटिव जैसे पदार्थों का इस्तेमाल कर सकते हैं। रिपोर्ट में फॉर्मेलिन, सिंथेटिक डाई और सस्ते थिकनिंग एजेंट जैसे पदार्थों का उल्लेख किया गया है।

फॉर्मेलिन का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों को संरक्षित करने के लिए किया जाना स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है। वहीं सिंथेटिक रंगों का अत्यधिक या अनुचित इस्तेमाल भी नुकसानदेह हो सकता है।

स्वाद बढ़ाने वाले अम्ल भी सावधानी मांगते हैं
सॉस में सिरका और नींबू जैसे अम्ल स्वाद, बनावट और संरक्षण में मदद करते हैं। लेकिन घटिया या अनुचित अम्ल का इस्तेमाल पेट में जलन, असहजता और अपच जैसी समस्या पैदा कर सकता है। बहुत अधिक अम्लीय खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन दांतों के इनेमल को भी प्रभावित कर सकता है।

अरारोट जैसे स्टार्च-आधारित थिकनिंग एजेंट सॉस को गाढ़ा बनाने में इस्तेमाल होते हैं। इनका अधिक सेवन कुछ लोगों में रक्त शर्करा तेजी से बढ़ा सकता है और गैस या पेट फूलने जैसी परेशानी भी हो सकती है।

ऐसे में बाजार के हर सॉस को संदिग्ध मानने के बजाय लेबल, सामग्री और खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी पर ध्यान देना बेहतर है। साथ ही, घर पर बनी ताजी चटनी एक सरल विकल्प हो सकती है।

घर पर बनाएं 6 स्वादिष्ट विकल्प
1. टमाटर की घरेलू चटनी : 
ताजे टमाटर, लहसुन, खजूर और थोड़ा सा गुड़ पकाकर मीठी-खट्टी चटनी तैयार की जा सकती है। यह प्रोसेस्ड केचप का आसान घरेलू विकल्प है और इसमें अपनी पसंद के अनुसार मसाले भी मिलाए जा सकते हैं।

2. इमली की चटनी :  इमली के गूदे को गुड़, जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, काला नमक, नमक और लाल मिर्च के साथ पकाएं। खट्टी-मीठी यह चटनी पकौड़े और दूसरे स्नैक्स के साथ खूब जमती है।

3. चुकंदर का डिप : उबले चुकंदर को लहसुन, दही और थोड़े नींबू के रस के साथ पीसकर रंगीन और प्राकृतिक मिठास वाला डिप बनाया जा सकता है। इसका गहरा रंग भी पूरी तरह प्राकृतिक होता है।

4. धनिया-टमाटर चटनी : धनिया पत्ती, अदरक, लहसुन, हरी मिर्च, नमक और टमाटर को पीस लें। कुछ ही मिनटों में तैयार होने वाली यह चटनी स्नैक्स से लेकर मुख्य भोजन तक के साथ परोसी जा सकती है।

5. मूंगफली-धनिया चटनी : भुनी मूंगफली को धनिया पत्ती, अदरक, हरी मिर्च, पानी, नमक और काली मिर्च के साथ पीसें। इसका तीखा और हल्का नट्टी स्वाद दाल-चावल से लेकर पकौड़ों तक के साथ अच्छा लगता है।

6. महाराष्ट्र का ठेचा : हरी मिर्च, लहसुन, नमक और मूंगफली या भुने तिल से बनने वाला ठेचा महाराष्ट्र का लोकप्रिय तीखा चटपटा विकल्प है। कम सामग्री में बनने वाला यह मसालेदार कोंडिमेंट खाने का स्वाद तुरंत बढ़ा देता है।

बाजार की चटनी और सॉस सुविधाजनक जरूर हैं, लेकिन ताजी सामग्री से घर में तैयार की गई चटनी स्वाद के साथ सामग्री पर नियंत्रण भी देती है। आखिर चटकारे का मजा तभी है, जब उसके साथ सेहत की चिंता न जुड़ी हो।
विज्ञापन
विज्ञापन