Home›Sair Sapata›
Khonoma Nagaland India First Green Village Hidden Lap Mountains Art Living Nature Revealed
नागालैंड का खोनोमा : भारत का पहला ग्रीन विलेज, जहां पहाड़ों की गोद में छिपा प्रकृति के साथ जीने का हुनर
मोहम्मद आमिल, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Sun, 23 Aug 2026 04:58 PM IST
सार
हरे-भरे सीढ़ीदार खेत, घने जंगल, अंगामी संस्कृति और पर्यावरण के प्रति सामुदायिक प्रतिबद्धता खोनोमा को पूर्वोत्तर भारत के अनूठे पर्यटन स्थलों में शामिल करती है, जहां प्रकृति और संस्कृति साथ-साथ सांस लेते हैं।
पूर्वोत्तर भारत की पहाड़ियों के बीच बसा खोनोमा केवल एक गांव नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक जीवन का जीवंत उत्सव है। नागालैंड की राजधानी कोहिमा से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव अपनी हरियाली, सीढ़ीदार खेतों, पारंपरिक स्थापत्य और पर्यावरण संरक्षण के अद्भुत मॉडल के लिए जाना जाता है। भारत के पहले ग्रीन विलेज के रूप में पहचान बना चुका खोनोमा यह साबित करता है कि विकास और प्रकृति का संतुलन साथ-साथ चल सकता है।
पहाड़ों के बीच सुकून की दुनिया
खोनोमा में प्रवेश करते ही हरे-भरे सीढ़ीदार खेत, बादलों की चादर ओढ़े पहाड़ियां और लकड़ी-पत्थर से बने पारंपरिक घर मन को मोह लेते हैं। पत्थरों से बनी गलियां गांव के इतिहास और सांस्कृतिक विरासत की गवाही देती हैं। यहां की सुबह पक्षियों के मधुर कलरव से शुरू होती है और शाम ढलते ही पूरा गांव शांत वातावरण में प्रकृति की लय के साथ रम जाता है। आधुनिक जीवन की भागदौड़ से दूर यह गांव सादगी और आत्मीयता का अनोखा अनुभव कराता है।
जब गांव ने चुना प्रकृति का साथ
खोनोमा की पहचान उसका पर्यावरण संरक्षण मॉडल है। गांव के लोगों ने सामूहिक सहमति से शिकार और अनियंत्रित पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस निर्णय से स्थानीय जंगलों, वन्यजीवों और जैव विविधता को नई जिंदगी मिली है। खोनोमा अंगामी नागा जनजाति का ऐतिहासिक गांव है। यहां खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। सीढ़ीदार खेती, सामुदायिक वन और ग्राम परिषद की परंपरा गांव की पहचान बनी हुई है। पर्यटन का संचालन भी स्थानीय समुदाय के हाथों में है। बड़े होटलों की जगह परिवारों द्वारा संचालित होमस्टे यात्रियों का स्वागत करते हैं। स्थानीय भोजन, लोक-संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली के बीच बिताया गया समय इस यात्रा को यादगार बना देता है।
यहां की हर पर राह एक नया अनुभव
सीढ़ीदार खेत : टेरेस फार्म गांव की खूबसूरत पहचान हैं। पारंपरिक कृषि पद्धतियों से तैयार ये खेत पहाड़ी खेती की उत्कृष्ट मिसाल पेश करते हैं।
हेरिटेज वॉक : स्थानीय गाइड के साथ गांव की गलियों में घूमते हुए पारंपरिक अंगामी घर, पत्थर की सड़कें और ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखा जा सकता है। यह यात्रा गांव के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को समझने का अवसर देती है।
फोर्ट और युद्ध स्मारक : यह ऐतिहासिक स्थल ब्रिटिश शासन के विरुद्ध अंगामी योद्धाओं के संघर्ष की स्मृतियों को संजोए है। यहां स्थानीय इतिहास और वीरता की अनेक प्रेरक गाथाएं जीवंत हो उठती हैं।
नेचर कंजर्वेशन एंड ट्रैगोपन अभ्यारण्य : यह अभयारण्य पूरी तरह गांव के लोगों द्वारा संरक्षित किया जाता है। यहां दुर्लभ पक्षियों, घने जंगलों और स्थानीय जैव विविधता को करीब से देखा जा सकता है।
जाप्फू पीक : रोमांच पसंद यात्रियों के लिए जाप्फू शिखर आकर्षण का केंद्र है। यहां से दिखाई देने वाली पहाड़ियां, बादलों का विस्तार और हरियाली का संसार लंबे समय तक स्मृतियों में बना रहता है।
कोहिमा वॉर सेमेट्री : खोनोमा से निकट स्थित यह ऐतिहासिक स्थल द्वितीय विश्व युद्ध में शहीद सैनिकों की स्मृति को समर्पित है।
कब जाएं और कैसे पहुंचें?
खोनोमा घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से अप्रैल के बीच माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और गांव अपने सबसे सुंदर रूप में नजर आता है। निकटतम हवाई अड्डा दीमापुर है। वहां से सड़क मार्ग द्वारा कोहिमा पहुंचा जा सकता है। कोहिमा से खोनोमा की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है, जिसे टैक्सी या निजी वाहन से आसानी से तय किया जा सकता है।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।