विज्ञापन
Home› Sair Sapata› Maharashtra Eyes Global Branding Of Rural Tourism To Boost Local Economy

महाराष्ट्र की नई रणनीति : गांव बनेंगे टूरिज्म का केंद्र, पर्यटन से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Umashankar Mishra Updated Mon, 06 Apr 2026 06:02 PM IST
सार

महाराष्ट्र सरकार ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देकर गांवों को नए टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। ‘डोंगरी महोत्सव’ की सफलता के बाद अब अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर है।

ग्रामीण पर्यटन
ग्रामीण पर्यटन - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र का पर्यटन विभाग अब केवल बड़े शहरों तक सीमित रहने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों की ओर ध्यान केंद्रित कर रहा है। सरकार का मानना है कि गांवों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें विकसित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है।

‘डोंगरी महोत्सव’ बना गेमचेंजर
पर्यटन मंत्री शंभुराज देसाई के अनुसार, अब तक विभाग के 80% कार्यक्रम मुंबई, पुणे और संभाजीनगर जैसे शहरों तक सीमित थे। इसी असंतुलन को दूर करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ‘डोंगरी महोत्सव’ की शुरुआत की गई, जिसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। सतारा जिले के दौलत नगर में आयोजित इस पांच दिवसीय महोत्सव में 1.28 लाख लोगों की भागीदारी दर्ज की गई।

ग्रामीण इलाकों में नई पर्यटन गतिविधियां
सरकार ने पहली बार गांवों में पैराग्लाइडिंग, बग्गी राइड, कार्निवल परेड और बोटिंग जैसी गतिविधियों को शामिल किया है। इसके साथ ही स्थानीय कला और संस्कृति को भी पर्यटन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को आय के नए अवसर मिल सकें।

घरेलू पर्यटकों में वृद्धि, विदेशी अभी सीमित
महाराष्ट्र में हाल के वर्षों में घरेलू पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन विदेशी पर्यटक अब भी पारंपरिक स्थलों तक ही सीमित हैं। इसी को देखते हुए सरकार नए पर्यटन स्थलों को विकसित कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम कर रही है।

ग्लोबल ब्रांड्स को जोड़ने की तैयारी
महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम (MTDC) अब लोणावला के कार्ले जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध 60–70 एकड़ भूमि को विकसित करने की योजना बना रहा है। इसके लिए ‘ताज’ और ‘ओबेरॉय’ जैसे अंतरराष्ट्रीय होटल समूहों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित कर पर्यटन को नई ऊंचाई दी जा सके।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया सहारा
सरकार का मानना है कि ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से स्थानीय रोजगार बढ़ेगा, छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। आने वाले समय में महाराष्ट्र ग्रामीण पर्यटन को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में बड़े कदम उठा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन