Home›Pashudhan›
Supreme Court To Form Special Bench On Nhai Plea Over Stray Cattle Shelters
Stray Cattles: निराश्रित मवेशियों के शेल्टर पर NHAI ने उठाया सवाल, सुप्रीम कोर्ट की विशेष पीठ करेगी सुनवाई
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Umashankar Mishra
Updated Mon, 21 Sep 2026 06:21 PM IST
सार
निराश्रित मवेशियों के लिए देशभर में शेल्टर बनाने के निर्देश को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। करीब 7,000 करोड़ रुपये के खर्च और जिम्मेदारी के मुद्दे पर विशेष पीठ सुनवाई करेगी। जानिए, विस्तार से...
देशभर में आवारा मवेशियों के लिए शेल्टर बनाने पर करीब 7,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
- फोटो : गांव जंक्शन
देशभर में आवारा मवेशियों के लिए शेल्टर होम बनाने के निर्देश को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। NHAI का कहना है कि इस तरह के शेल्टर बनाने की जिम्मेदारी स्थानीय और जिला स्तर के प्रशासन की होनी चाहिए। मामले की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने विशेष पीठ बनाने पर सहमति जताई है।
NHAI ने करीब 7,000 करोड़ रुपये के खर्च का मुद्दा उठाया
NHAI की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने मामला रखा। पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं।
मेहता ने कहा कि देशभर में आवारा मवेशियों के लिए शेल्टर बनाने पर करीब 7,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। NHAI का तर्क है कि यह काम जिला स्तर के स्थानीय प्रशासन को करना चाहिए, क्योंकि पूरे देश में इस तरह के शेल्टर बनाना NHAI की जिम्मेदारी नहीं हो सकती।
जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया था निर्देश
NHAI के मुताबिक, पहले जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ ने उसे देशभर में आवारा मवेशियों के लिए शेल्टर बनाने का निर्देश दिया था। NHAI ने इसी निर्देश में बदलाव की मांग की है।
सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका की सुनवाई के लिए जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की विशेष पीठ गठित करने का अनुरोध किया। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि विशेष पीठ गठित की जाएगी।
आवारा पशुओं के प्रबंधन से जुड़ा है मामला
यह मामला सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों और मवेशियों के प्रबंधन से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान सामने आया। इसमें आवारा पशुओं के लिए जरूरी इंतजाम और अलग-अलग सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारियों पर भी विचार हो रहा है।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।