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Home› Pashudhan› Livestock Buying Cow For Dairy Purposes About These 12 Breeds Capable Of Producing 35 Liters Milk Daily

livestock: डेयरी के लिए गाय खरीद रहे हैं तो जानें ये 12 नस्लें, 35 लीटर तक रोज दूध देने की क्षमता

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Fri, 25 Sep 2026 05:00 PM IST
सार

सिमेंटल, जर्सी, गिर, होल्स्टीन फ्रिजियन, साहीवाल समेत 12 प्रमुख नस्लों की दूध क्षमता अलग-अलग है। होल्स्टीन फ्रिजियन की क्षमता 35 लीटर से अधिक तक बताई गई है, जबकि गिर और साहीवाल जैसी देसी नस्लें स्थानीय परिस्थितियों में पालन के लिए जानी जाती हैं।

गिर गाय
गिर गाय - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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पशुपालन में गाय की नस्ल का सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ता है। अगर किसान डेयरी शुरू करने या अपने पशुओं की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहे हैं तो नस्ल का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। अलग-अलग नस्लों की दूध देने की क्षमता अलग होती है। कुछ विदेशी नस्लें सामान्य तौर पर ज्यादा दूध देती हैं, जबकि कई देसी नस्लें गर्म मौसम और स्थानीय परिस्थितियों में बेहतर ढंग से पाली जा सकती हैं। आइए जानते हैं...
  • सिमेंटल गाय : सिमेंटल एक प्रमुख विदेशी नस्ल है। अच्छी देखभाल और संतुलित आहार मिलने पर यह गाय करीब 20 से 28 लीटर दूध प्रतिदिन दे सकती है। यह नस्ल दूध के साथ मांस उत्पादन के लिए भी जानी जाती है।
  • जर्सी गाय : जर्सी डेयरी किसानों के बीच लोकप्रिय नस्लों में शामिल है। सामान्य तौर पर इसकी दूध क्षमता 15 से 22 लीटर प्रतिदिन बताई जाती है। इसके दूध में वसा की मात्रा भी अच्छी मानी जाती है।
  • गिर गाय : गिर भारत की प्रमुख देसी गाय नस्लों में शामिल है। यह गुजरात के गिर क्षेत्र से जुड़ी है। सामान्य परिस्थितियों में इसकी दूध क्षमता 8 से 14 लीटर प्रतिदिन के आसपास हो सकती है। गर्म जलवायु में इसके पालन की क्षमता इसे किसानों के लिए उपयोगी बनाती है।
  • होल्स्टीन फ्रिजियन : होल्स्टीन फ्रिजियन को अधिक दूध देने वाली नस्लों में गिना जाता है। अच्छी नस्ल, बेहतर पोषण और उचित प्रबंधन होने पर इसकी दूध क्षमता 20 से 35 लीटर या इससे अधिक प्रतिदिन तक हो सकती है। हालांकि, इतनी क्षमता पाने के लिए अच्छे आहार और देखभाल की जरूरत होती है।
  • ब्राउन स्विस : ब्राउन स्विस भी डेयरी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रमुख नस्ल है। इसकी सामान्य दूध क्षमता 15 से 22 लीटर प्रतिदिन के आसपास बताई जाती है। यह नस्ल दूध के साथ अपने मजबूत शरीर के लिए भी जानी जाती है।
  • आयरशायर : आयरशायर नस्ल की गायें भी अच्छी दूध उत्पादक मानी जाती हैं। इनसे 20 से 28 लीटर प्रतिदिन तक दूध मिलने की क्षमता बताई जाती है। हालांकि वास्तविक उत्पादन पशु के स्वास्थ्य और खान-पान पर निर्भर करता है।
  • शॉर्टहॉर्न : शॉर्टहॉर्न एक पुरानी और उपयोगी पशु नस्ल है। इसकी दूध देने की क्षमता करीब 17 से 24 लीटर प्रतिदिन बताई गई है। डेयरी में इसका इस्तेमाल दूध उत्पादन के लिए किया जाता है।
  • गुर्नसे : गुर्नसे नस्ल की गायों से सामान्य तौर पर 16 से 22 लीटर दूध प्रतिदिन मिलने की क्षमता बताई जाती है। यह नस्ल अपने दूध की गुणवत्ता के लिए भी जानी जाती है।
  • गिरोलैंडो : गिरोलैंडो गिर और होल्स्टीन नस्लों के संकरण से विकसित नस्ल है। इसे गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में डेयरी उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है। इसकी दूध क्षमता 18 से 30 लीटर प्रतिदिन तक बताई जाती है।
  • मोंटबेलियार्ड : मोंटबेलियार्ड नस्ल की गायें सामान्य तौर पर 18 से 25 लीटर प्रतिदिन दूध देने की क्षमता रखती हैं। इसका इस्तेमाल डेयरी उत्पादन के साथ प्रजनन के लिए भी किया जाता है।
  • नोरमैंड : नोरमैंड नस्ल की गायों से करीब 18 से 25 लीटर प्रतिदिन दूध मिलने की क्षमता बताई गई है। यह नस्ल दूध के साथ शरीर की अच्छी बनावट के लिए भी जानी जाती है।
  • साहीवाल गाय : साहीवाल भारत की प्रमुख देसी गाय नस्लों में शामिल है। यह गर्म मौसम के अनुकूल मानी जाती है। सामान्य तौर पर इसकी दूध क्षमता 10 से 16 लीटर प्रतिदिन के आसपास बताई जाती है।


सिर्फ नस्ल देखकर न खरीदें गाय
किसी गाय की दूध क्षमता केवल उसकी नस्ल पर निर्भर नहीं करती। पशु की उम्र, नस्ल की शुद्धता, स्वास्थ्य, गर्भधारण की स्थिति, चारे की गुणवत्ता, पानी, रहने की जगह और पशु प्रबंधन का भी दूध उत्पादन पर असर पड़ता है। इसलिए डेयरी के लिए पशु खरीदते समय केवल अधिक दूध देने का दावा देखकर फैसला न करें। पशु का पिछला दूध रिकॉर्ड, स्वास्थ्य और उसकी मौजूदा स्थिति की जांच करना भी जरूरी है। स्थानीय मौसम और उपलब्ध चारे के अनुसार नस्ल का चुनाव करने से पशुपालन की लागत और उत्पादन, दोनों को बेहतर ढंग से संभाला जा सकता है।
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