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गोवंश योजना: निराश्रित मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए हरियाणा में बन रहे चार गो-वन

गांव जंक्शन डेस्क, चंडीगढ़ Published by: Umashankar Mishra Updated Tue, 22 Sep 2026 01:25 PM IST
सार

हरियाणा में निराश्रित मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए राज्य सरकार चार 'गो-वन' विकसित कर रही है। हरियाणा बीज निगम के चेयरमैन मोहन लाल कौशिक के मुताबिक, राज्यभर में करीब 70,000 गायें सड़कों पर घूम रही हैं। सरकार गोशालाओं को चारा अनुदान, ई-रिक्शा और लोहे के शेड बनाने में भी मदद दे रही है।

सरकार गोशालाओं को चारा अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता भी दे रही है।
सरकार गोशालाओं को चारा अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता भी दे रही है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा में गांवों और शहरों में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या को देखते हुए राज्य सरकार कई अहम कदम उठा रही है, जिसमें चार 'गो-वन' विकसित करना भी शामिल है। यह जानकारी हरियाणा बीज निगम के चेयरमैन मोहन लाल कौशिक ने दी।

10 एकड़ गोचर भूमि देने के निर्देश
सोमवार को हरियाणा गो-सेवा आयोग के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए कौशिक ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए हैं कि गायों के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु गोशालाओं को कम से कम 10 एकड़ 'गोचर' भूमि उपलब्ध कराई जाए।

70,000 गायें सड़कों पर, आश्रय के लिए मिलकर काम कर रहीं एजेंसियां
एक सरकारी बयान के मुताबिक, राज्यभर में फिलहाल करीब 70,000 गायें सड़कों पर घूम रही हैं। इन्हें गोशालाओं और गो-वन में आश्रय देने के लिए गो-सेवा आयोग, ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों का सहयोग लिया जा रहा है।

चार जिलों में गौ वन का निर्माण कार्य जारी
महेंद्रगढ़ के भोजावास गांव में 89 एकड़ क्षेत्र में बन रहे गौ वन का काम अंतिम चरण में है, जबकि पलवल के राजपुरा खादर, कैथल के भूना और करनाल के सांभली में भी इसी तरह की प्रक्रिया चल रही है।

707 गोशालाओं में 40,000 गायें, नई गोशालाएं भी खुलेंगी
कौशिक ने बताया कि राज्य में फिलहाल करीब 707 पंजीकृत गोशालाओं में लगभग 40,000 गायें रह रही हैं। बाकी बची गायों को अतिरिक्त गौशालाओं में स्थानांतरित करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस महीने 22 गौशालाएं चालू की जाएंगी, वहीं 14 नई गोशालाएं खोलने की प्रक्रिया भी जारी है।

ई-रिक्शा और गौ सेवा रथ की सुविधा
कौशिक ने बताया कि जल्द ही राज्यभर की पंजीकृत गोशालाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा घायल और बीमार गायों की मदद के लिए 'गौ सेवा रथ' का इस्तेमाल किया जाएगा।

चारा अनुदान के लिए 300 करोड़ रुपये का लक्ष्य
सरकार गोशालाओं को चारा अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता भी दे रही है। इसके लिए बना पोर्टल खुला है और पंजीकृत गोशालाएं 14 अक्टूबर तक आवेदन कर सकती हैं। कौशिक ने बताया कि सरकार ने इस साल गौशालाओं को 300 करोड़ रुपये का चारा अनुदान देने का लक्ष्य रखा है।

200 गोशालाओं में लोहे के शेड बनाने का प्रस्ताव
इस साल 200 गौशालाओं में लोहे के शेड बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसके लिए प्रति शेड 10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। पिछले साल 49 गोशालाओं में ऐसे शेड बनाए गए थे।

नस्ल सुधार के लिए हिसार में लैब स्थापित
कौशिक ने बताया कि पशुओं की नस्ल सुधार के लिए हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में एक प्रयोगशाला स्थापित की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हरियाणा के किसानों तक बेहतर नस्ल उपलब्ध कराने के काम को जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि गुजरात, उत्तराखंड और पंजाब में पहले से ही नस्ल सुधार का काम किया जा चुका है, और अब हरियाणा में भी इसी तरह के प्रयास किए जाएंगे।
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