विज्ञापन
Home› Pashudhan› Jharkhand Approves Rs 51 49 Crore Cattle Feed Plant In Godda S Govindpur

दिवाली-छठ पर पशुपालकों को तोहफा : गोड्डा में लगेगा 51.49 करोड़ का पशु आहार कारखाना, जेएमएफ संभालेगा कमान

गांव जंक्शन डेस्क, गोड्डा Published by: Umashankar Mishra Updated Thu, 29 Oct 2026 12:34 PM IST
सार

झारखंड सरकार ने गोड्डा के गोविंदपुर में 51.49 करोड़ रुपये की लागत से पशु आहार कारखाने को मंजूरी दी। शुरुआती क्षमता 50 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी, जिससे पशुपालकों की लागत घटेगी और दूध उत्पादन बढ़ेगा।
 

गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड के गोविंदपुर में 51.49 करोड़ रुपये की लागत से पशु आहार कारखाना स्थापित करने की मंजूरी।
गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड के गोविंदपुर में 51.49 करोड़ रुपये की लागत से पशु आहार कारखाना स्थापित करने की मंजूरी। - फोटो : गांव जंक्शन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झारखंड सरकार ने गोड्डा जिले के महागामा प्रखंड के गोविंदपुर में 51.49 करोड़ रुपये की लागत से पशु आहार कारखाना स्थापित करने की मंजूरी दी है। दिवाली और छठ के अवसर पर पशुपालकों को यह बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में रांची में हुई मंत्रिमंडल बैठक में परियोजना को स्वीकृति मिली। ग्रामीण विकास मंत्री सह महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह के निरंतर प्रयासों से इसका मार्ग प्रशस्त हुआ।

झारखंड मिल्क फेडरेशन करेगा संचालन
कारखाने का निर्माण और संचालन झारखंड मिल्क फेडरेशन (जेएमएफ) करेगा। इसके लिए गोविंदपुर मौजा में 5.22 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में परियोजना पर 30 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया है।

50 से 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता
शुरुआती उत्पादन क्षमता 50 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी, जिसे आगे बढ़ाकर 100 मीट्रिक टन प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। स्थानीय स्तर पर संतुलित और गुणवत्तापूर्ण आहार मिलने से पशुपालकों को समय पर आपूर्ति होगी। पशुओं के पोषण और उत्पादकता में सुधार से दूध उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
पशुधन गणना के आधार पर जिले में दुधारू पशुओं की संख्या लगभग 65 से 70 हजार है और गोड्डा का वार्षिक दूध उत्पादन करीब 1.5 लाख टन दर्ज होता है। उचित मूल्य पर पशु आहार मिलने से पशुपालकों की लागत नियंत्रित रहेगी और आय में सीधी बढ़ोतरी होगी। यह परियोजना क्षेत्र की पशुपालन आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन