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इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम : एक बकरी संग पालें पांच मुर्गियां, कम लागत में डबल कमाई

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 22 Nov 2025 01:15 PM IST
सार

इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम में एक ऐसा शेड बनाया जाता है, जहां बकरी और मुर्गियां पास-पास रहती हैं। दोनों के बीच लोहे की जाली लगाई जाती है ताकि वे अलग रहते हुए भी एक ही शेड का उपयोग कर सकें।
 

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CARI), मथुरा ने छोटे किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए एक बेहद किफायती और लाभदायक मॉडल विकसित किया है, इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS)। यह मॉडल एक बकरी के साथ पांच मुर्गियों को एक ही शेड में अलग-अलग रखते हुए पालन करने की अनुमति देता है। खास बात यह कि इससे पशुपालन की कुल लागत लगभग आधी रह जाती है, जबकि मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है।

कैसे काम करता है यह सिस्टम?

इस मॉडल में बकरी और मुर्गियों के लिए एक साझा लेकिन विभाजित शेड बनाया जाता है। बीच में मजबूत लोहे की जाली लगाई जाती है ताकि दोनों जीव एक-दूसरे के संपर्क में न आएं। इससे बीमारी का खतरा कम होता है और जगह की बचत होती है।

बकरियां दिन में चरने के लिए बाहर जाती हैं। उसी दौरान मुर्गियों को उस हिस्से में छोड़ दिया जाता है जहां बकरियों के खाने का बचा हुआ हरा चारा गिरा होता है। मुर्गियां इसे साफ कर देती हैं, जिससे उनके दानों की खपत 30-40 ग्राम प्रतिदिन कम हो जाती है। यही तकनीक किसानों का खर्च काफी कम कर देती है।

अजोला : घर बैठे तैयार करें हाई-प्रोटीन फीड

इस मॉडल का एक और अहम हिस्सा है- अजोला उत्पादन। बकरी की मेंगनी (ड्रॉपिंग) और मिट्टी की मदद से पानी की एक उथली टंकी में आसानी से अजोला उगाया जाता है। अजोला प्रोटीन से भरपूर होता है। इससे मुर्गियों का सस्ता और पौष्टिक चारा बनता है। प्रतिदिन 200-300 ग्राम तक उत्पादन देता है, इससे दाना खरीदने का खर्च काफी कम हो जाता है।

छोटे किसानों के लिए बड़ा फायदा

IFS मॉडल उन किसानों के लिए आदर्श है जिनके पास सीमित जमीन और संसाधन हैं। इसके जरिए मुर्गी पालन की लागत 40-50% तक घटती है। बकरी पालन से समान आय बनी रहती है। अजोला उत्पादन से अतिरिक्त बचत होती है। एक ही शेड में मल्टी-इनकम स्रोत बनता है। यह प्रणाली कम निवेश में अधिक मुनाफा देने वाला टिकाऊ मॉडल है, जिसे देशभर में तेजी से अपनाया जा रहा है।
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