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ANIMAL HUSBANDRY IN WINTER: शीत लहर के प्रकोप से बचाने के लिए पशुओं का रखें खास ख्याल

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Umashankar Mishra Updated Sun, 05 Jan 2025 11:47 AM IST
सार

ठंड (Winter) के बढ़ते प्रकोप के चलते पशुपालकों (Cattle breeders) के लिए अपने मवेशियों (Cattle) की देखभाल बड़ी चुनौती बन जाती है। शीत लहर के प्रभाव को कम करने एवं पशुओं को ठंड से बचाने के लिए उपाय करने बेहद आवश्यक हैं। जानिए विस्तार से...

पशुओं को शीत लहर से बचाने के लिए करें ये उपाय।
पशुओं को शीत लहर से बचाने के लिए करें ये उपाय। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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सर्दी के मौसम का सीधा असर पशुओं की सेहत और दुग्ध उत्पादन पर पड़ता है। इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। पशुओं को ठंड से बचाने के लिए गर्म और सूखी जगह की व्यवस्था करें।

पशुओं के आवास को नमी से बचाने के लिए रात में 100 वॉट का पीला बल्ब या लैंप का उपयोग किया जा सकता है। पशुओं को ऐसी जगह बांधें, जहां ठंडी हवा सीधे न लगे। ठंड का प्रकोप कम करने के लिए उनकी पहुंच से दूर हीटर और ब्लोअर का भी उपयोग किया जा सकता है। सर्दियों में पशुओं को दिन में दो से तीन घंटे तक धूप में रखना जरूरी होता है।

ठंड में नियमित रूप से पशुओं का टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच कराते रहें। पशु वैज्ञानिक आनंद सिंह बताते हैं कि पशुओं के आहार में विटामिन और मिनरल्स की मात्रा भरपूर रखें। संतुलित आहार की बात करें तो इसमें 25 से 35 फीसदी अनाज होना चाहिए। मक्का, बाजरा, गेहूं, जौ, जई, ज्वार जैसे अनाज पशुओं को दे सकते हैं।इसके साथ ही, पशुओं के आहार के 35 से 40 फीसदी हिस्से में उप-उत्पाद जैसे - चोकर, भूसी इत्यादि हो सकती है। इसी में 5 से 8 फीसदी चूनी भी शामिल रहती है। इसके अलावा, 25 से 30 फीसदी हिस्सा खली का होता है। सरसों, बिनौले या फिर सोयाबीन की खली दे सकते हैं।

इस तरह, हम देखें तो पशु आहार में करीब एक-तिहाई अनाज, एक-तिहाई भूसी, चूनी, चोकर आदि और एक-तिहाई हिस्सा खली का होता है। एक फीसदी नमक होना चाहिए। इस मिश्रण को थोड़ा एडजस्ट करके दो फीसदी मिनरल्स मिलाएं। इस तरह तैयार किए गए पशु आहार की 400 ग्राम मात्रा प्रति किलो दूध उत्पादन के हिसाब से गाय को देनी चाहिए। वहीं, प्रति किलो दूध पर भैंस को 500 ग्राम के हिसाब से ये आहार दे सकते हैं। जबकि, एक किलोग्राम आहार जीवन निर्वाह के लिए पशुओं को देना चाहिए। ये आहार दो बार में सुबह-शाम दे सकते हैं। बरसीम का चारा उपलब्ध है, तो दाने वाले आहार की मात्रा कम कर सकते हैं।

ध्यान रहे कि पशुओं को रात का रखा हुआ ठंडा पानी पीने के लिए नहीं देना चाहिए। ऐसा करने से पशु ठंड के शिकार हो सकते हैं। इसके बजाय पंप से ताजा निकाला गया पानी उन्हें पीने के लिए देना चाहिए।
 
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