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Home› Paryavaran› Meghalaya Records Its Warmest Year Since 1901 Imd Report Says

125 साल का रिकॉर्ड टूटा : मेघालय में वर्ष 2025 रहा 1901 के बाद सबसे गर्म साल, मानसूनी बारिश में 43 फीसदी कमी

गांव जंक्शन डेस्क, शिलांग Published by: Umashankar Mishra Updated Sat, 07 Nov 2026 07:00 PM IST
सार

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मेघालय में 2025 पिछले 125 वर्षों में सबसे गर्म साल रहा। इस दौरान राज्य का औसत तापमान सामान्य से 0.96 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा, जबकि दक्षिण-पश्चिम मानसून में सामान्य से 43 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई।

आईएमडी के पुणे स्थित जलवायु अनुसंधान एवं सेवा कार्यालय ने मेघालय सरकार के सहयोग से यह रिपोर्ट तैयार की है।
आईएमडी के पुणे स्थित जलवायु अनुसंधान एवं सेवा कार्यालय ने मेघालय सरकार के सहयोग से यह रिपोर्ट तैयार की है। - फोटो : एजेंसी
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विस्तार
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मेघालय में वर्ष 2025 पिछले 125 वर्षों में सबसे गर्म साल रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान राज्य का वार्षिक औसत तापमान 20.77 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 1991-2020 के दीर्घकालिक औसत से 0.96 डिग्री अधिक है।

आईएमडी के पुणे स्थित जलवायु अनुसंधान एवं सेवा कार्यालय ने मेघालय सरकार के सहयोग से यह रिपोर्ट तैयार की है। इसमें 1901 से उपलब्ध तापमान, बारिश और मौसम की चरम घटनाओं के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है।

1901 से लगातार बढ़ रहा तापमान
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में न्यूनतम तापमान 1901 के बाद सबसे अधिक रहा, जबकि अधिकतम तापमान के मामले में यह तीसरा सबसे गर्म साल था। राज्य का औसत वार्षिक तापमान 1901 से 2025 के बीच प्रति सदी 0.73 डिग्री सेल्सियस की दर से बढ़ा है।

इस अवधि में अधिकतम तापमान में प्रति सदी 0.85 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 0.62 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक रहा, जो 1901 के बाद इस मौसम का सबसे ऊंचा स्तर है।

मानसून में सामान्य से 43 फीसदी कम बारिश
तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ राज्य में बारिश की भी कमी रही। वर्ष 2025 में मेघालय को सामान्य वार्षिक औसत बारिश का 73 फीसदी पानी ही मिला। दक्षिण-पश्चिम मानसून, जिससे राज्य में सालाना बारिश का 71.8 फीसदी हिस्सा मिलता है, के दौरान सामान्य से 43 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई।

जून से अक्तूबर के बीच ज्यादातर महीनों में बारिश सामान्य से कम रही। जुलाई में सबसे अधिक कमी दर्ज की गई। हालांकि, मानसून से पहले के मौसम में सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण सालाना बारिश की कुल कमी कुछ कम हुई।

11 जिलों के विश्लेषण में छह में कम, तीन में सामान्य, एक में बहुत अधिक और एक जिले में अत्यधिक कम बारिश दर्ज की गई। साउथ वेस्ट खासी हिल्स में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई, जबकि वेस्ट जयंतिया हिल्स में बड़ी कमी रही।

रिपोर्ट में चेरापूंजी, मौसिनराम और शिलांग समेत कई स्थानों पर भारी, बहुत भारी और अत्यधिक भारी बारिश की घटनाएं भी दर्ज की गईं। कुछ स्थानों पर 24 घंटे में 204.5 मिमी से अधिक बारिश हुई।


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