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छत्तीसगढ़ : राजनांदगांव जिले का खैरा बना शत-प्रतिशत रूफटॉप सोलर वाला गांव, सभी 141 घरों में लगे सौर संयंत्र

गांव जंक्शन डेस्क, राजनांदगांव Published by: Umashankar Mishra Updated Wed, 04 Nov 2026 07:14 PM IST
सार

राजनांदगांव जिले के खैरा गांव के सभी 141 घरों में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत दो-दो किलोवाट के रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। गांव की कुल सौर क्षमता लगभग 282 किलोवाट है। यह काम सब्सिडी और सीएसआर फंड से हुआ, और ग्रामीणों को अपनी जेब से कोई खर्च नहीं करना पड़ा।
 

खैरा गांव के सभी 141 घरों में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगा दिए गए हैं।
खैरा गांव के सभी 141 घरों में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगा दिए गए हैं। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के खैरा गांव के सभी 141 घरों में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगा दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार यह देश का पहला ऐसा गांव है, जहां शत-प्रतिशत घर सौर ऊर्जा से जुड़े हैं। गांव की आबादी 889 है। हर घर में दो किलोवाट का संयंत्र लगा है, जिससे कुल उत्पादन क्षमता करीब 282 किलोवाट हो गई है।

पूरा खर्च सब्सिडी और सीएसआर से: ग्रामीणों को संयंत्र लगवाने के लिए अपनी जेब से कुछ नहीं देना पड़ा। केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी के साथ कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड से खर्च उठाया गया। गांव के 141 परिवारों में से 93 को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्के मकान मिले हैं।

महिलाओं की अहम भूमिका : पद्मश्री फूलबासन बाई यादव के महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने अभियान संभाला। स्थानीय महिलाओं को "पीएम सूर्य सखी" के रूप में प्रशिक्षित किया गया। संगीता साहू और उनकी साथियों ने घर-घर जाकर योजना के फायदे समझाए तथा फॉर्म और दस्तावेज पूरे कराने में मदद की। सरपंच भूपेंद्र यादव के नेतृत्व में ग्राम पंचायत और बैंकों ने विशेष शिविर लगाकर औपचारिकताएं पूरी कराईं।

नेट मीटरिंग से राहत : गांव में नेट मीटरिंग लागू है, यानी ग्रामीण जरूरत भर बिजली इस्तेमाल करते हैं और बची बिजली ग्रिड को भेज देते हैं। ग्रिड को गई बिजली का हिसाब मीटर में दर्ज होता है और उसके बदले बिल में छूट मिलती है। पेंशन पर आश्रित शोगिल गोंड ने कहा कि अब बिजली बिल का तनाव नहीं रहा, जबकि दैनिक मजदूर कार्तिक यादव ने बताया कि हर महीने उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा बच रहा है।

अन्य गांवों में भी लागू होगा मॉडल : जिलाधिकारी जितेंद्र यादव ने कहा कि प्रशासन, समुदाय, वित्तीय संस्थानों, सीएसआर भागीदारों और महिला समूहों के साझा प्रयास से शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह मॉडल अन्य ग्रामीण इलाकों में भी लागू किया जाएगा।
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