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Karnataka Seeks Rs 7 142 Crore Central Aid As Drought Affects 177 Taluks
कर्नाटक: 177 तालुकों में सूखे की मार, किसानों के लिए केंद्र से मांगे 7142 करोड़, केंद्रीय टीम कर रही आकलन
गांव जंक्शन डेस्क, बेंगलुरु
Published by: Umashankar Mishra
Updated Tue, 06 Oct 2026 09:02 PM IST
सार
कर्नाटक के 177 तालुक सूखा प्रभावित घोषित किए गए हैं। राज्य सरकार ने 46,324.50 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाते हुए केंद्र से 7,142.64 करोड़ रुपये की मदद मांगी है।
कर्नाटक सरकार ने केंद्र से 7,142.64 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी है।
- फोटो : Ai (सांकेतिक तस्वीर)
कर्नाटक सरकार ने इस साल सूखे की स्थिति को बेहद गंभीर बताया है। राज्य के 177 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया जा चुका है और सरकार ने केंद्र से 7,142.64 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी है।
सूखे को अभूतपूर्व बता रहे उपमुख्यमंत्री
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने विपक्षी दलों से केंद्र के सामने राज्य की मांग रखने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस साल राज्य में सूखे की स्थिति ऐसी है, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई। मुख्यमंत्री और वे खुद लगातार राज्य के अलग-अलग हिस्सों का दौरा कर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
तीन केंद्रीय टीमें कर रही हैं आकलन
कर्नाटक सरकार की ओर से केंद्र को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद तीन केंद्रीय टीमें राज्य के अलग-अलग जिलों में जमीनी स्थिति का आकलन कर रही हैं। परमेश्वर के मुताबिक टीमें जल्द अपना आकलन पूरा करेंगी। इसके बाद मुख्य सचिव और अधिकारी स्तर पर समीक्षा होगी और रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
46,324 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान
कर्नाटक सरकार ने 177 प्रभावित तालुकों में सूखे से करीब 46,324.50 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। राज्य ने NDRF के तहत केंद्र से 7,142.64 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है।
शुरुआत में 101 तालुकों के लिए 3,705.30 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। बाद में 76 और तालुक सूखा प्रभावित घोषित किए गए, जिसके बाद अतिरिक्त 3,437.34 करोड़ रुपये की मांग की गई।
177 तालुकों में सूखा घोषित
राज्य ने 27 अगस्त को 101 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया। इसके बाद 17 सितंबर को 23 और 22 सितंबर को 53 तालुक इसमें जोड़े गए। इस तरह कुल संख्या 177 हो गई है। 40 अन्य तालुकों में भी जमीनी सत्यापन चल रहा है।
राज्य सरकार ने केंद्र से मांगी गई सहायता में फसल नुकसान के साथ किसानों, पशुधन और सूखा प्रभावित समुदायों को राहत तथा प्रभावित इलाकों में पीने के पानी की जरूरतों को भी शामिल किया है।
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