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Jammu Kashmir Degree College Kalakote Rajouri Becomes Beacon Change Rural Daughters Dreams Take Flight
जम्मू कश्मीर : राजौरी के कलाकोट में डिग्री कॉलेज बना बदलाव की मिसाल, ग्रामीण बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Wed, 29 Apr 2026 05:00 PM IST
सार
सरकारी डिग्री कॉलेज की स्थापना से पहले कलाकोट क्षेत्र की कई छात्राएं 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं, क्योंकि राजौरी या जम्मू जाकर पढ़ाई करना उनके परिवारों के लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं था। दूरी और संसाधनों की कमी के कारण उच्च शिक्षा कई छात्रों के लिए सपना बनकर रह गई थी।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्र कलाकोट में सरकारी डिग्री कॉलेज की स्थापना ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव ला दिया है। यह कॉलेज विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों के लिए उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है, जिससे क्षेत्र में शिक्षा की नई लहर देखने को मिल रही है।
इस कॉलेज की स्थापना से पहले कलाकोट क्षेत्र की कई लड़कियां 12वीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं। राजौरी या जम्मू जैसे शहरों में पढ़ाई जारी रखना उनके लिए आर्थिक रूप से संभव नहीं था। लंबी दूरी, परिवहन की कमी और वित्तीय कठिनाइयों के कारण उच्च शिक्षा कई होनहार छात्रों के लिए सपना बनकर रह गई थी।
स्थानीय स्तर पर मिला शिक्षा का अवसर
सरकारी डिग्री कॉलेज कलाकोट की स्थापना ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। अब स्थानीय छात्र-छात्राओं को अपने ही क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। इससे न केवल कॉलेज में नामांकन बढ़ा है, बल्कि ग्रामीण परिवारों में शिक्षा को लेकर नई उम्मीद और जागरूकता भी बढ़ी है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कॉलेज
कॉलेज में छात्रों के लिए डिजिटल कक्षाएं, सुसज्जित पुस्तकालय और खेल गतिविधियों जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं ने शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाया है और छात्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बेटियों के सशक्तिकरण में अहम भूमिका
इस संस्थान की स्थापना ने सबसे बड़ा प्रभाव ग्रामीण लड़कियों पर डाला है। अब अधिक संख्या में छात्राएं उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हो रही हैं और अपने करियर और भविष्य को लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। यह बदलाव महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत पहल माना जा रहा है।
प्रोफेसर नीहरू ढल्ला का योगदान
कॉलेज की प्रोफेसर नीहरू ढल्ला ने ANI से बातचीत में बताया कि शुरुआत में कई चुनौतियां थीं, लेकिन स्टाफ और प्रशासन के सहयोग से धीरे-धीरे व्यवस्था को मजबूत किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों की खुशी और उनकी शिक्षा में प्रगति ही सबसे बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि कॉलेज भवन का निर्माण कार्य चल रहा था, लेकिन इसके बावजूद स्टाफ ने उपलब्ध संसाधनों के साथ काम शुरू किया। पुराने फर्नीचर और सीमित सुविधाओं के बावजूद शिक्षण कार्य को आगे बढ़ाया गया। प्रोफेसर ने यह भी बताया कि कॉलेज में नियमित रूप से अभिभावक-शिक्षक बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिनमें अभिभावक छात्रों की प्रगति से काफी संतुष्ट रहते हैं और कॉलेज के प्रयासों की सराहना करते हैं।
भविष्य की योजनाएं और विकास कार्य
कॉलेज में लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है और छात्रों के लिए विज्ञान ब्लॉक की मांग भी की गई है, जो फिलहाल प्रक्रिया में है। जैसे-जैसे सुविधाएं बढ़ेंगी, यह संस्थान क्षेत्र के युवाओं के लिए और भी अधिक अवसर उपलब्ध कराएगा।
ग्रामीण शिक्षा का नया केंद्र
कलाकोट का यह सरकारी डिग्री कॉलेज अब पूरे क्षेत्र के लिए शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। यह न केवल उच्च शिक्षा का मार्ग प्रशस्त कर रहा है, बल्कि ग्रामीण और कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए एक उज्जवल भविष्य की नींव भी रख रहा है।
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