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Sugarcane: एक लाख करोड़ के गन्ना उद्योग में किसान बेहाल, उचित दाम और भुगतान पर सवाल

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 26 Oct 2026 02:30 PM IST
सार

पूर्व सांसद केसी त्यागी ने गन्ना किसानों की समस्याओं, भुगतान में देरी, बढ़ती खेती लागत और गन्ने का उचित मूल्य तय करने की जरूरत पर जोर दिया।

 

गन्ना किसान
गन्ना किसान - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पूर्व सांसद केसी त्यागी ने गन्ना किसानों की समस्याओं को उठाते हुए कहा है कि चीनी उद्योग में किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की जरूरत है। उन्होंने गन्ने का उचित मूल्य तय करने, बकाया भुगतान समय पर करने और चीनी उद्योग की नीतियों में किसानों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है।

अमर उजाला में पब्लिश केसी त्यागी के लेख के मुताबिक, चीनी उद्योग का आकार बड़ा होने के बावजूद गन्ना किसानों को भुगतान में देरी, खेती की बढ़ती लागत और उचित दाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि किसानों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाई जाएं।

भुगतान में देरी किसानों के लिए बड़ी समस्या
त्यागी ने गन्ना भुगतान में देरी के मुद्दे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गन्ना नियंत्रण आदेश, 1966 के तहत गन्ने की आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर भुगतान का प्रावधान है। भुगतान में देरी होने पर ब्याज देने का भी नियम है। इसके बावजूद किसानों को समय पर पैसा नहीं मिलने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।

समय पर भुगतान नहीं होने से किसानों को अगली फसल की तैयारी, खाद-बीज खरीदने और घरेलू जरूरतें पूरी करने में परेशानी होती है। इसलिए भुगतान से जुड़े नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करना जरूरी है।

खेती की लागत बढ़ने से किसानों पर दबाव
केसी त्यागी ने गन्ने की खेती में बढ़ती लागत और किसानों की आय से जुड़े सवाल भी उठाए। खेती में खाद, बीज, सिंचाई, मजदूरी और अन्य संसाधनों पर खर्च बढ़ने से किसानों की लागत पर दबाव पड़ता है। ऐसे में गन्ने का मूल्य तय करते समय उत्पादन लागत और किसानों की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।

चीनी उद्योग की नीतियों में किसानों की भागीदारी जरूरी
त्यागी ने चीनी उद्योग से जुड़े नीतिगत फैसलों में किसानों के हितों को प्रमुखता देने की जरूरत बताई। उनके मुताबिक, गन्ना किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मूल्य निर्धारण, भुगतान व्यवस्था और उद्योग से जुड़े सुधारों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। उन्होंने गन्ना किसानों की स्थिति सुधारने के लिए ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया, जिसमें किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले और भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
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