Home›Misal Bemisal›
Amazing Feat Of Female Farmer Krishnavati Devi People Used Laugh Mushroom But Today Hundreds Households Depend
महिला किसान कृष्णावती देवी का कमाल : कुकुरमुत्ता कहकर हंसते थे लोग, आज मशरूम पर निर्भर सैकड़ों घर
बृहस्पति कुमार पाण्डेय, कृषि पत्रकार, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Sun, 18 Oct 2026 03:01 PM IST
सार
बस्ती के नागपुर गांव की कृष्णावती देवी के पास न पढ़ाई थी, न पूंजी, न सरकारी सहारा। दृढ़ इरादे से उन्होंने झोपड़ी में मशरूम की खेती शुरू की। उनकी इस पहल से सैकड़ों परिवारों की आय बढ़ी है।
कुकुरमुत्ता कहकर हंसते थे लोग, आज मशरूम पर निर्भर सैकड़ों घर
- फोटो : गांव जंक्शन
खेतिहर मजदूर कृष्णावती देवी ने करीब 13 साल पहले बस्ती जिले के नागपुर गांव में झोपड़ी से मशरूम की खेती शुरू की। न पूंजी थी, न तकनीकी जानकारी, न सरकारी सहारा। हरियाणा से शुरुआती जानकारी लेकर उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र, बंजरिया से प्रशिक्षण लिया और किराये की जमीन पर खेती बढ़ाई। आज उनकी पहल सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी का जरिया बन चुकी है।
कुकुरमुत्ता कहने वालों की बदली सोच
कृष्णावती बताती हैं, शुरू में बाजार तलाशने में परेशानी हुई, क्योंकि तब लोग मशरूम को कुकुरमुत्ता और नॉनवेज की नजर से देखते थे और हंसते थे कि पढ़ी-लिखी नहीं हैं, फिर भी लखपति बनने के सपने देख रही हैं। पर, कृषि वैज्ञानिकों की कोशिशों, जागरूकता और पोषक गुणों की जानकारी से उनकी सोच बदल गई। जो लोग कभी हंसते थे, वही अब उनसे प्रशिक्षण लेकर हर साल लाखों कमा रहे हैं।
वह बताती हैं, बस्ती जिले के 14 विकास खंडों के करीब 100 गांवों में सैकड़ों परिवार मशरूम उत्पादन से जुड़कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। भानपुर, चौनपुर, पुरैना, बैरिहवा और दिवाकरपुर सहित दर्जनों गांवों में 300 से अधिक छप्परों में मशरूम उगाया जा रहा है और जिले में इसका कारोबार सालाना करोड़ों रुपये तक पहुंच चुका है।
चौके-चूल्हे से उद्यमिता का सफर
कृष्णावती ने चौके-चूल्हे तक सिमटी रहने वाली करीब 100 महिलाओं को इस व्यवसाय से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया है। ये महिलाएं कम्पोस्ट और छप्पर बनाने, स्पॉन डालने, बीमारियों की रोकथाम, तुड़ाई, ग्रेडिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग तक खुद संभालती हैं। कृष्णावती बताती हैं कि सर्दियों में बटन मशरूम की खेती से ये महिलाएं चार महीने में 6 से 8 लाख रुपये तक कमा लेती हैं।
कप्तानगंज क्षेत्र के रानीपुर गांव की आरती, दीपिका, कविता, मीना देवी, इंद्रावती, किरण, ममता देवी, शशिकला, बीना देवी और लालपरी जैसी महिलाएं भी ‘मशरूम वीमेन’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं। कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. प्रेम शंकर बताते हैं, जिले में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं इस खेती से जुड़ रही हैं और कृष्णावती की अगुवाई में केंद्र पर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की मंशा उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए महिलाओं को भी व्यवसाय से जोड़ने की है।
खेत से ही बिक जाती है फसल
कृष्णावती आज 8 शेड में मशरूम की खेती करती हैं। वह बताती हैं कि एक शेड बनाने और मशरूम तैयार करने में 1 से 1.5 लाख रुपये का खर्च आता है और तैयार मशरूम 3 से 3.5 लाख रुपये में बिक जाता है। पहले बिक्री में दिक्कत होती थी, पर अब गोरखपुर, अयोध्या, बस्ती सहित कई जनपदों के व्यापारी खुद खेतों पर आकर अच्छे भाव में खरीद ले जाते हैं।
कृष्णावती बताती हैं, हर साल चार महीने में आमदनी करीब 8 लाख रुपये तक हो जाती है और ऑफ सीजन में भी लीज पर जमीन लेकर खेती की जाती है। पोषक तत्वों से भरपूर कम्पोस्ट भी कमाई का जरिया बन गया है। खाद की कमी झेलने वाले किसान कम्पोस्ट खरीदते हैं और फसल कटने के बाद बचा हुआ कम्पोस्ट शहरी खेती के लिए जैविक खाद बनाने वाले अच्छे भाव पर ले जाते हैं, जिससे उत्पादकों को अतिरिक्त आमदनी हो जाती है।
जिला और राज्य स्तर पर मिला सम्मान
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के 22वें दीक्षांत समारोह में कृष्णावती को ‘मशरूम वीमेन’ के रूप में सम्मानित कर राज्यपाल कोष से एक लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया। कृष्णावती बताती हैं, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर दर्जनों पुरस्कार मिल चुके हैं।
आज कृष्णावती उद्यमी के साथ प्रशिक्षक और प्रेरणास्रोत भी हैं। अपनी कमाई से परिवार, बच्चों की पढ़ाई और शादी-विवाह का खर्च संभाल रही हैं। उनकी पहल कम लागत में अधिक आय, महिला सशक्तिकरण व ग्रामीण आत्मनिर्भरता की मिसाल है।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।