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Vegetable Farming: नवंबर में खाली न छोड़ें खेत, लगाएं ये 8 सब्जियां... दिसंबर से मिलने लगेगी कमाई

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Thu, 05 Nov 2026 07:27 PM IST
सार

  • नवंबर में किसान मिर्च, शिमला मिर्च, टमाटर और फूलगोभी की खेती कर सकते हैं।

  • पालक, धनिया और मूली भी इस मौसम की उपयोगी फसलें हैं।

  • कुछ फसलों से दिसंबर तक उत्पादन मिलना शुरू हो सकता है।

  • बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई और गुड़ाई करें।

सब्जियां की खेती
सब्जियां की खेती - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अगर आप नवंबर में सब्जियों की खेती करके अच्छी कमाई करना चाहते हैं, तो यह समय कई मौसमी सब्जियों की बुवाई के लिए उपयोगी हो सकता है। ठंड के मौसम में तापमान कम होने से कुछ सब्जियों में सिंचाई की जरूरत घट जाती है। इससे किसानों को पानी और खेती की लागत बचाने में मदद मिल सकती है। 

एग्रीकल्चर एक्सपर्ट के मुताबिक, नवंबर में किसान मिर्च, शिमला मिर्च, टमाटर, फूलगोभी, पालक, धनिया, भिंडी और मूली की खेती कर सकते हैं। सही देखभाल करने पर कुछ फसलों से दिसंबर तक उत्पादन मिलना शुरू हो सकता है।

नवंबर में लगाएं ये 8 सब्जियां
किसान नवंबर में इन सब्जियों की खेती कर सकते हैं।
  1. मिर्च: सब्जी और मसाले दोनों के रूप में इसकी मांग रहती है।
  2. शिमला मिर्च: बाजार में इसकी अच्छी मांग रहती है। किसान स्थानीय बाजार के अनुसार किस्म चुन सकते हैं।
  3. टमाटर: सब्जी के साथ प्रसंस्करण उद्योग में भी इसकी मांग रहती है।
  4. फूलगोभी: सर्दियों में इसकी खपत बढ़ जाती है।
  5. पालक: कम समय में तैयार होने वाली पत्तेदार सब्जी है।
  6. धनिया: हरी पत्तियों और मसाले के रूप में बाजार में इसकी मांग रहती है।
  7. भिंडी: स्थानीय जलवायु और किस्म के अनुसार इसकी खेती की योजना बनाएं।
  8. मूली: कम समय में तैयार होने वाली सब्जियों में शामिल है।

दिसंबर तक मिल सकता है उत्पादन
नवंबर में सब्जियों की बुवाई करने पर कुछ फसलों से दिसंबर तक उत्पादन मिलना शुरू हो सकता है। हालांकि, उत्पादन शुरू होने का समय सब्जी की किस्म, पौध की उम्र, मौसम और खेती के तरीके पर निर्भर करता है। सर्दियों में तापमान कम होने के कारण कई सब्जियों में गर्मियों की तुलना में कम सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है। इससे किसानों को पानी और मेहनत बचाने में मदद मिलती है।

सब्जियों की बुवाई से पहले खेत कैसे तैयार करें?
अच्छे अंकुरण और पौधों की बढ़वार के लिए खेत की तैयारी पर ध्यान देना जरूरी है।
  • पहली जुताई: बुवाई से पहले खेत की अच्छी तरह जुताई और गुड़ाई करें।
  • मिट्टी भुरभुरी बनाएं: इससे बीजों का अंकुरण बेहतर होने में मदद मिलती है।
  • दीमक से बचाव: खेत में दीमक की समस्या हो तो कृषि विशेषज्ञ की सलाह से उचित उपचार करें।
  • खेत में नमी रखें: बुवाई के समय मिट्टी में पर्याप्त नमी होनी चाहिए।
  • खाद डालें: खेत में अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट मिलाएं।

बुवाई के बाद कब करें सिंचाई और खाद का इस्तेमाल?
बीज बोने के बाद हल्की सिंचाई करें, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे। पौधों के अंकुरण और शुरुआती बढ़वार के दौरान जरूरत के अनुसार पानी दें। पौधे थोड़े बड़े होने पर खेत की नमी और मौसम को देखते हुए दोबारा सिंचाई करें।

पौधों की अच्छी बढ़वार के लिए संतुलित पोषण जरूरी है। इसके लिए मिट्टी की जांच और फसल की जरूरत के अनुसार खाद और उर्वरकों का इस्तेमाल करें। यूरिया या अन्य उर्वरकों का इस्तेमाल बिना जरूरत और निर्धारित मात्रा से अधिक न करें।

कीटों से फसल बचाने के लिए अपनाएं ये तरीके
  • सब्जियों में कीट लगने पर शुरुआत में ही उनकी पहचान करना जरूरी है। इसके लिए किसान खेत की नियमित निगरानी करें।
  • कीटों की निगरानी के लिए फसल के अनुसार फेरोमोन या पीले चिपचिपे ट्रैप लगाएं।
  • संक्रमित पौधों और पत्तियों को हटाएं।
  • कीटों का प्रकोप बढ़ने पर कृषि विशेषज्ञ की सलाह लें।
  • जरूरत पड़ने पर ही अनुशंसित कीटनाशक का सही मात्रा में इस्तेमाल करें।

किसानों के लिए जरूरी सलाह
नवंबर में सब्जियों की खेती शुरू करने से पहले अपने क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी और बाजार की मांग को जरूर समझें। सभी आठ सब्जियों की बुवाई एक साथ करने के बजाय स्थानीय मौसम के अनुकूल फसलों और उन्नत किस्मों का चुनाव करें। इससे उत्पादन और बिक्री की बेहतर योजना बनाई जा सकती है।
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