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रबी बुवाई से पहले मौसम पर रखें नजर : तापमान बढ़ने से नुकसान का खतरा, अलवर के किसानों के लिए सलाह...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 23 Oct 2026 02:20 PM IST
सार

  • राजस्थान में सरसों-गेहूं जैसी प्रमुख रबी फसलों की बुवाई से जुड़ी तैयारियां जोरों पर है, किसानों की नजर मौसम पर टिकी हुई है।
  • तेज धूप से खेतों की ऊपरी सतह की नमी घटने और बीज अंकुरण प्रभावित होने की आशंका।
  • अलवर जिले में आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, इस दौरान बारिश के आसार नहीं हैं

तापमान बढ़ने से रबी फसलों के बीजों का अंकुरण खराब हो सकता है, जिससे गुणवत्ता और पैदावार में गिरावट आ सकती है।
तापमान बढ़ने से रबी फसलों के बीजों का अंकुरण खराब हो सकता है, जिससे गुणवत्ता और पैदावार में गिरावट आ सकती है। - फोटो : AI Image
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विस्तार
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राजस्थान के किसान रबी फसलों की बुवाई की तैयारी में जुटे हुए हैं। दूसरी तरफ किसानों की नजर तापमान और मौसम के मिजाज पर टिकी हुई है। किसानों को डर है कि तापमान में उछाल की वजह से मिट्टी में नमी कम हो सकती है, जिससे फसल विकास पर खराब असर पड़ सकता है। 

बीज अंकुरण के लिए मिट्टी की नमी है जरूरी
रबी सीजन में सरसों और गेहूं की बुवाई का समय मिट्टी में नमी और सिंचाई के उपलब्ध साधनों पर काफी निर्भर करता है। अलवर जिले के रहने वाले किसान कैलाश जाटव के अनुसार, बुवाई शुरू करने से पहले किसानों को खेत की नमी और स्थानीय मौसम का खास ध्यान रखना होगा।

किसान कैलाश जाटव ने बताया कि खासकर सरसों की फसल के मामले में सही समय और मिट्टी में उचित नमी का होना बीज के शुरुआती अंकुरण के लिए बेहद जरूरी होता है। यदि दिन में धूप तेज रहती है, तो खेत की सतह से नमी बहुत जल्द खत्म हो सकती है, जिससे बीजों के अंकुरण के प्रभावित होने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

आगामी दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव संभव
बुवाई के इस अहम सीजन में मौसम के तेवर बदल सकते हैं। IMD के अनुसार, अलवर जिले में आगामी दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना है। विभाग का अनुमान है कि 23 अक्तूबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

24 अक्तूबर को अधिकतम तापमान बढ़कर 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। विभाग के अनुसार, 25 अक्तूबर को पारे में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना है। दूसरी तरफ,  26 अक्तूबर को दिन का पारा फिर से घटकर 32 डिग्री सेल्सियस पर आ सकता है।

बारिश की संभावना नहीं, दिन और रात के मौसम में रहेगा अंतर
मौसम विभाग के अनुसार, इस पूरी अवधि के दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है और आसमान मुख्य रूप से साफ रह सकता है। ऐसे में दिन के समय तेज धूप खिलेगी और सुबह-शाम का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहेगा, जिससे लोगों को तापमान में बड़े अंतर का सामना करना पड़ेगा।

दिन के समय पड़ने वाली गर्मी और सुबह-शाम की ठंड का यह प्रभाव काफी व्यापक होगा। यह मौसम परिवर्तन न केवल खेती-किसानी से जुड़े कार्यों पर सीधा असर डालेगा, बल्कि आम जनजीवन के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।


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