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Prayagraj The Guava Capital Of India And The Sweet Story Of Allahabadi Guavas
फलों की महफिल में प्रयागराज का ताज: गंगा-यमुना का तट क्यों कहलाता है इलाहाबादी अमरूद की राजधानी
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Umashankar Mishra
Updated Thu, 08 Oct 2026 01:45 PM IST
सार
संगम की नगरी प्रयागराज को आस्था और इतिहास के लिए जाना जाता है, पर इसकी एक मीठी पहचान और भी है। यहां के इलाहाबादी सफेदा और सुर्खा अमरूद अपने स्वाद, रंग और गुणवत्ता के कारण प्रयागराज को भारत की 'अमरूद राजधानी' का गौरव दिलाते हैं।
भारत की अमरूद राजधानी प्रयागराज के गंगा-यमुना की मिट्टी में पैदा होती हैं सफेदा व सुर्खा किस्में।
- फोटो : Ai
यदि कोई पूछे कि भारत की 'अमरूद राजधानी' किस शहर को कहा जाता है, तो उत्तर है प्रयागराज, उत्तर प्रदेश। संगम के लिए विख्यात यह शहर अपने अमरूदों के लिए भी उतना ही जाना जाता है। इलाहाबादी अमरूदों से इसका रिश्ता बरसों पुराना है। यहां की किस्मों में इलाहाबादी सफ़ेदा और इलाहाबादी सुर्ख़ा प्रमुख हैं, जो अपने स्वाद, रूप-रंग और गुणवत्ता के लिए पहचानी जाती हैं।
क्यों कहलाता है प्रयागराज 'अमरूद की राजधानी'
प्रयागराज का अमरूद-उत्पादन से गहरा नाता है। यहां उगने वाले फल अपने विशिष्ट स्वाद और रूप के लिए जाने जाते हैं। इनमें सफेद गूदे वाली और गुलाबी गूदे वाली, दोनों तरह की किस्में शामिल हैं, और यही विविधता इस क्षेत्र को भारत के अमरूद-उत्पादक इलाकों में विशेष बनाती है।
'इलाहाबादी अमरूद' नाम इस क्षेत्र की कृषि-पहचान का हिस्सा बन चुका है। अमरूद उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में उगाया जाता है, फिर भी इन पारंपरिक किस्मों के कारण प्रयागराज का नाम सबसे आगे रहता है।
इलाहाबादी सफेदा : सादगी में सौंदर्य
उत्तर प्रदेश से जुड़ी सबसे पहचानी जाने वाली किस्मों में से एक है इलाहाबादी सफ़ेदा। इसका आकार गोल और फल मध्यम आकार का होता है, गूदा दूधिया सफ़ेद। इसकी एक और खूबी है अपेक्षाकृत कम बीज। रूप, स्वाद और गुणवत्ता का यही संतुलन इसे इस क्षेत्र की जानी-पहचानी किस्म बनाता है।
इलाहाबादी सुर्खा : रंगों की शोखी
प्रयागराज क्षेत्र की एक और विशिष्ट किस्म है इलाहाबादी सुर्खा। पारंपरिक सफ़ेद गूदे वाली किस्मों से अलग, इसकी सबसे बड़ी पहचान इसका रंगीन गूदा है। यह किस्म क्षेत्र की विविधता को और समृद्ध करती है और अपने आकर्षक रूप के लिए खास तौर पर जानी जाती है।
सिर्फ प्रयागराज नहीं, पूरा उत्तर प्रदेश है अमरूद की बगिया
अमरूद की खेती केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश के कई जिले इसके लिए जाने जाते हैं, जिनमें बदायूं, कासगंज, अलीगढ़, फर्रुखाबाद, हाथरस, उन्नाव, कानपुर नगर, कौशांबी और प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) शामिल हैं। इन जिलों में फैली खेती देश के अमरूद-उत्पादन में उत्तर प्रदेश के महत्व को रेखांकित करती है।
क्यों दिल जीतते हैं इलाहाबादी अमरूद
प्रयागराज से जुड़े अमरूद अपने स्वाद, रंग, बनावट और समग्र गुणवत्ता के लिए सराहे जाते हैं। सफ़ेद गूदे वाले इलाहाबादी सफ़ेदा से लेकर रंगीन गूदे वाले इलाहाबादी सुर्ख़ा तक, किस्मों की यह विविधता भारत के अमरूद-मानचित्र पर इस क्षेत्र को अलग स्थान देती है।
अगली बार जब कोई पूछे, 'भारत की अमरूद राजधानी किसे कहा जाता है?' तो जवाब होगा - प्रयागराज, वह शहर जो इलाहाबादी अमरूद की मिठास का पर्याय है।
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