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Carrot Cultivation Ready 80 Days Increasing Income In Winter Learn Right Variety And Sowing Method
Carrot Cultivation: 80 दिन में तैयार होगी गाजर, सर्दियों में बढ़ेगी कमाई... जानें सही किस्म और बुवाई का तरीका
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Wed, 07 Oct 2026 05:28 PM IST
सार
गाजर की फसल करीब 80 से 85 दिनों में तैयार हो सकती है। अक्टूबर से नवंबर की शुरुआत तक बुवाई का सही समय है। देर से बुवाई के लिए पूसा आशिता, पूसा नैनतेश और इम्प्रेटर जैसी किस्में बेहतर मानी जाती हैं।
किसानों के लिए गाजर की खेती कम समय में अच्छी आमदनी देने वाली फसल बन सकती है। सही किस्म और समय पर बुवाई करने पर गाजर की फसल करीब 80 से 85 दिन में तैयार हो जाती है। अक्टूबर से नवंबर की शुरुआत तक का समय इसकी बुवाई के लिए अच्छा माना जाता है।
सर्दियों की शुरुआत के साथ सब्जियों की खेती का सीजन शुरू हो जाता है। इस दौरान गाजर की मांग भी बढ़ने लगती है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, जो किसान नवंबर से पहले गाजर की बुवाई कर लेते हैं, उन्हें दिसंबर में अच्छी कीमत मिलने की संभावना रहती है। हालांकि, शुरुआती बुवाई नहीं कर पाने वाले किसान नवंबर की शुरुआत तक भी इसकी बुवाई कर सकते हैं।
देर से बुवाई के लिए ये किस्में बेहतर
नवंबर की शुरुआत में गाजर की बुवाई करने वाले किसान पूसा आशिता, पूसा नैनतेश और इम्प्रेटर जैसी किस्मों का चुनाव कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कम तापमान में भी इन किस्मों की बढ़वार अच्छी रहती है।
बुवाई से पहले बीज का उपचार जरूरी
गाजर की बुवाई से पहले बीज उपचार करना फसल के लिए फायदेमंद रहता है। रासायनिक तरीके से एक किलो बीज को 2.5 ग्राम थायराम से उपचारित किया जा सकता है। वहीं, देसी तरीके में पांच लीटर गौमूत्र में एक किलो बीज को डुबोकर उपचारित करने की सलाह दी जाती है।
गाजर की बुवाई में कितना अंतर रखें?
गाजर की अच्छी पैदावार के लिए पौधों और कतारों के बीच उचित दूरी रखना जरूरी है। किसान मेड़ों पर गाजर की खेती करके क्यारियों के बीच दूसरी फसल भी उगा सकते हैं। इससे एक ही खेत से अतिरिक्त आमदनी का विकल्प मिल सकता है।
बुवाई के दौरान दूरी
कतार से कतार : 45 से 50 सेंटीमीटर
पौधे से पौधा : 5 से 8 सेंटीमीटर
बीज की गहराई : 3 से 4 सेंटीमीटर
सर्दियों में बढ़ती है गाजर की मांग
अक्टूबर से नवंबर की शुरुआत तक समय पर बुवाई करने पर फसल करीब 80 दिनों में तैयार हो सकती है। सर्दियों में गाजर की खपत बढ़ जाती है। खासकर गाजर के हलवे के लिए इसकी मांग बढ़ने से मंडियों में बिक्री भी अच्छी रहने की उम्मीद रहती है। इसलिए किसान सही समय पर बुवाई, उपयुक्त किस्म और उचित दूरी का ध्यान रखकर कम अवधि में तैयार होने वाली गाजर की फसल से बेहतर आमदनी हासिल कर सकते हैं।
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