केरल: पुरानी मिलिंग पूरी नहीं हुई, फिर भी 2026 खरीफ में धान खरीद के लिए करार को सरकार ने दी मंजूरी
गांव जंक्शन डेस्क, तिरुवनंतपुरम
Published by: Umashankar Mishra
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:48 PM IST
सार
केरल सरकार ने 2025-26 की लंबित धान मिलिंग वाले राइस मिलों से भी नए सीजन के लिए करार करने की राज्य की नागरिक आपूर्ति संस्था को अनुमति दी है। इसका उद्देश्य 2026 खरीफ सीजन में धान की खरीद समय पर शुरू करना है। पुराने स्टॉक, मिलिंग और देनदारियों का अलग-अलग हिसाब रखना अनिवार्य होगा। जानिए, विस्तार से...
मौजूदा खरीफ सीजन में धान खरीद समय पर शुरू करने और पात्र राइस मिलों के साथ करार प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए किया गया फैसला।
- फोटो : AI Image
केरल सरकार ने 2025-26 सीजन की धान मिलिंग का स्टॉक लंबित रखने वाले राइस मिलों के साथ भी नए सिरे से करार करने की मंजूरी राज्य की नागरिक आपूर्ति संस्था Supplyco को दे दी है। हालांकि, यह अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी गई है। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद 2026 खरीफ सीजन में धान खरीद समय पर शुरू करना और पात्र राइस मिलों के साथ करार की प्रक्रिया आगे बढ़ाना है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब Supplyco को इन करारों को जल्द लागू करने का निर्देश दिया है।
खरीद में देरी रोकने के लिए फैसला
जैकब ने कहा कि पिछले सीजन की पूरी लंबित मिलिंग पूरी होने का इंतजार करने से मौजूदा सीजन में धान खरीद शुरू होने में देरी हो सकती थी। इसी वजह से विशेष अनुमति देने का फैसला किया गया है। हालांकि, लंबित मिलिंग की अवधि बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी होगी। राज्य ने 2025-26 खरीफ सीजन में खरीदे गए धान की मिलिंग की समयसीमा 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अक्टूबर करने का अनुरोध केंद्र से किया है।
रबी सीजन की मिलिंग की समय सीमा 31 जनवरी
मंत्री ने बताया कि 2025-26 रबी सीजन के लिए केंद्र पहले ही मिलिंग पूरी करने की समयसीमा 31 जनवरी 2027 तक बढ़ा चुका है। Supplyco को केंद्र सरकार के निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। इसमें निर्धारित आउट-टर्न रेशियो यानी धान से प्राप्त होने वाले चावल की तय मात्रा का अनुपालन भी शामिल है।
मिलों के स्टॉक की होगी जांच
विशेष अनुमति के तहत किसी मिल से करार करने से पहले Supplyco के अधिकारी वहां उपलब्ध धान के स्टॉक का निरीक्षण और आकलन करेंगे। मिल मालिकों को एक शपथपत्र भी देना होगा। इसमें उन्हें यह घोषित करना होगा कि पिछले सीजन का लंबित धान और उससे जुड़ी देनदारियों का सही तरीके से हिसाब रखा गया है। साथ ही, निर्धारित समयसीमा में मिलिंग पूरी कर चावल Supplyco या सरकार को सौंपने की जिम्मेदारी भी स्वीकार करनी होगी।
पुराने और नए स्टॉक का अलग हिसाब
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पिछले सीजन के धान, मिलिंग और चावल वितरण से जुड़े खाते अलग और स्पष्ट रूप से बनाए रखने होंगे। लंबित धान या चावल को दूसरे सीजन के खातों में मिलाने या उसके विरुद्ध समायोजित करने की अनुमति नहीं होगी।
Supplyco के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया गया है कि विशेष अनुमति के लिए प्रस्तावित मिलों की सूची सत्यापित रिकॉर्ड के आधार पर तैयार की जाए। इसमें 2025-26 खरीफ और रबी सीजन से संबंधित लंबित धान, मिलिंग की स्थिति और देनदारियों का अलग-अलग विवरण रखना होगा।
प्रबंध निदेशक को सरकार के समक्ष एक समेकित रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। इसमें विशेष अनुमति के दायरे में आने वाली मिलों की संख्या, प्रत्येक मिल में उपलब्ध स्टॉक, दोनों फसल सीजन में लंबित मिलिंग की मात्रा और संबंधित मिलिंग देनदारियों का विवरण शामिल होगा।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।