देशभर में मशहूर भागलपुर के जर्दालु आम का उत्पादन बढ़ाने और छोटे किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय (सबौर) आगे आया है। विश्वविद्यालय ने अपने उन्नत भारत अभियान के तहत कटहरा पंचायत के पनसल्ला गांव को गोद लिया है। इस पहल के तहत गांव में एक किसान कार्यशाला और पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोज हुआ, जहां किसानों को वैज्ञानिक तरीके से बागवानी की जानकारी दी गई।
अब लैब का ज्ञान खेत तक पहुंचाने की बारी
कार्यक्रम की शुरुआत क्षेत्रीय विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने पौधारोपण करके की। समारोह में डॉ. करुणा कुमारी ने बताया कि भागलपुर का जर्दालु आम अपनी खास महक और मिठास के कारण देश भर में जाना जाता है। इस योजना का मकसद इस आम का उत्पादन बढ़ाना और छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। अब प्रयोगशाला की तकनीक सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचेगी।
किसानों को मिले उन्नत पौधे, कम लागत में बंपर उपज के गुर सीखे
इस मौके पर जर्दालु आम उत्पादक संघ के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि पनसल्ला के मॉडल गांव बनने से आम की खेती करने वालों को ताकत मिलेगी। कार्यक्रम में किसानों को अच्छी नस्ल के पौधे बांटे गए। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को पेड़ों की समय पर कटाई-छंटाई करने, जैविक खाद डालने और कीट प्रबंधन करने की सलाह दी। इससे कम लागत में अच्छी और ज्यादा पैदावार मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का मकसद
विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल ने बताया कि भागलपुर का स्वादिष्ट जर्दालु आम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सौगात के रूप में भेजा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि किसान वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल की सोच के साथ वैज्ञानिक तरीकों का पालन करें, तो भागलपुर का जर्दालु आम अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात के मामले में भी अपनी मजबूत जगह बना सकता है।