विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Government S New Plan For The Rabi Season Agriculture Department To Determine Fertilizer Quotas For Districts

रबी के लिए सरकार का नया प्लान : कृषि विभाग तय करेगा जिलों का खाद कोटा, कंपनियों की मर्जी से सप्लाई पर नकेल

गांव जंक्शन डेस्क, जयपुर Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 25 Oct 2026 01:44 PM IST
सार

  • रबी सीजन में खाद वितरण के लिए नई गाइडलाइन, कंपनियों की मनमानी पर लगेगी रोक।
  • अब चार साल की औसत बुवाई के आधार पर तय होगा जिलों का खाद कोटा।
  • खाद वितरण में सहकारी समितियों को मिलेगी प्राथमिकता, किसानों को राहत की उम्मीद।
  • डीएपी के साथ बीज और कीटनाशक खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगे विक्रेता।

 

खाद वितरण में राजस्थान सरकार ने बढ़ाई अपनी दखल।
खाद वितरण में राजस्थान सरकार ने बढ़ाई अपनी दखल। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान में रबी फसलों की तैयारी जोरों पर है। ऐसे में सरकार ने किसानों तक समय पर खाद पहुंचाने के मकसद से वितरण से जुड़ी नई गाइडलाइन जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि खाद वितरण की नई व्यवस्था से पारदर्शिता आएगी और निजी विक्रेताओं की मनमानी पर लगाम लगेगी।

हर जिले का कोटा कृषि विभाग तय करेगा
जानकारी के अनुसार, नई गाइडलाइन के तहत कृषि विभाग को हर जिले के खाद का कोटा तय करने का अधिकार दिया गया है। विभाग कोटा तय करने के लिए बीते चार सालों के औसर रकबे और खाद खपत को ध्यान में रखेगा।

कंपनियां अपनी मर्जी से नहीं बदल सकेंगी आपूर्ति
नई गाइडलाइन के अनुसार, अब खाद कंपनियों की मर्जी से किसी जिले या डीलर को सप्लाई में बढ़ोतरी या कमी नहीं हो सकेगी। कृषि और सहकारिता विभाग फसल चक्र और मांग के आधार पर जो योजना बनाएंगे, कंपनियों को उसी हिसाब से माल भेजना होगा। अगर इसमें कोई बदलाव करना हो, तो कृषि विभाग के अधिकारी की अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। खाद कंपनियों को रैक के आने-जाने और स्टॉक की पूरी जानकारी भी समय पर देनी होगी।

सहकारी समितियों को मिलेगी प्राथमिकता
सरकारी आदेश के अनुसार, खाद बांटने में प्राथमिक कृषि साख समितियों और क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को सबसे पहले प्राथमिकता दी जाएगी। इससे किसानों को सीधे सरकारी रेट पर खाद मिल सकेगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से बुवाई के समय सहकारी केंद्रों पर डीएपी खत्म होने की शिकायतों में कमी आएगी।

सरकार का कहना है कि नियमों को तोड़ने वाली किसी भी कंपनी, अधिकारी या विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


विज्ञापन
विज्ञापन