राजस्थान की मशहूर भामाशाह मंडी में इन दिनों किसानों को उनकी सोयाबीन और उड़द की फसल के रिकॉर्ड दाम मिल रहे हैं। मंडी भाव एमएसपी से काफी अधिक हैं। किसानों को सोयाबीन पर एमएसपी से करीब 2,000 रुपये और उड़द पर 1,500 रुपये प्रति क्विंटल तक ज्यादा मुनाफा हो रहा है। इसके चलते किसान सरकारी खरीद केंद्रों के बजाय खुले बाजार की ओर बढ़ रहे हैं।
7,100 रुपये तक पहुंचा सोयाबीन का दाम, उड़द का दाम भी तेज
भामाशाह मंडी के सचिव मनोज कुमार मीणा के अनुसार, मंडी में रोजाना लगभग 30,000 क्विंटल सोयाबीन आ रही है। इसका भाव 6,400 रुपये से लेकर 7,100 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जबकि मॉडल भाव 6,850 रुपये है। इसी तरह उड़द की रोजाना आवक 10,000 क्विंटल (20,000 बोरी) है। उड़द 6,000 से 8,700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रही है और इसका मॉडल भाव 7,900 रुपये है। मंडी प्रशासन के मुताबिक, मॉडल भाव वह दर है जिस पर सबसे ज्यादा माल तौला जाता है।
कम उपज, लेकिन ऊंचे दाम से भरपाई
मंडी आए किसानों का कहना है कि इस बार उन्हें सोयाबीन का भाव 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिला है, जो पिछली बार केवल 4,800 रुपये था। खराब बीज के कारण सोयाबीन का उत्पादन घटकर 2 क्विंटल प्रति बीघा रह गया है। वहीं, किसान रघुराज सिंह के अनुसार, पीलिया रोग लगने से उड़द का उत्पादन भी गिरा है, और 2 बीघा में केवल 4 क्विंटल उपज हुई। हालांकि, मंडी में मिल रहे ऊंचे दामों से इस नुकसान की भरपाई हो रही है और किसानों को बड़ी राहत मिली है।
एमएसपी और सरकारी खरीद की स्थिति
राजफैड के कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि सरकार ने चालू वर्ष के लिए सोयाबीन का एमएसपी 5,708 रुपये और उड़द का 8,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। साल 2025 के मुकाबले सोयाबीन में 380 रुपये और उड़द में 400 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। राजफैड के अनुसार, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लेकिन, खुले बाजार में दाम ज्यादा होने के कारण सरकारी केंद्रों पर फसलों की आवक होना मुश्किल लग रहा है।