विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Will The Pm Kisan Installment Increase Risk Pressure On Rural Income Due To Weak Rainfall Economist Advice

क्या बढ़ेगी PM-KISAN की किस्त? : कम बारिश से ग्रामीण आय पर दबाव का खतरा, अर्थशास्त्री का सरकार को सुझाव...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्लीक्या बढ़ेगी PM-KISAN की किस्त? : कमजोर बारिश से ग्रामीण आय पर दबाव का खतरा, अर्थशास्त्री ने दिया सरकार को सुझाव... Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 04 Oct 2026 12:27 PM IST
सार

  • देश के कई हिस्सों में बारिश की कमी औऱ, फसल उत्पादन में गिरावट और ग्रामीण आय में दबाव का खतरा
  • अर्थशास्त्री ने सरकार को पीएम किसान योजना की किस्त में बढ़ोतरी पर विचार करने का सुझाव दिया
  • पीएम किसान और वीबी जी राम जी योजना को अहम सुरक्षा कवच
  • ग्रामीण आय में दबाव आने पर परिवारों के लिए सरकारी योजनाएं मददगार साबित होंगी

इस खरीफ ग्रामीण आय दबाव में आ सकती है, पीएम किसान जैसी सरकारी योजनाएं परिवारों के लिए मददगार साबित होंगी।
इस खरीफ ग्रामीण आय दबाव में आ सकती है, पीएम किसान जैसी सरकारी योजनाएं परिवारों के लिए मददगार साबित होंगी। - फोटो : ai
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस खरीफ देश के कई हिस्सों में कम मानसूनी बारिश और खाद की सप्लाई चेन में आई बाधाओं के चलते ग्रामीण आय के दबाव में आने की संभावना ने जन्म लिया है। इस संभावना का हवाला देते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक ग्रोथ में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर सीएससी शेखर ने सरकार को पीएम किसान योजना की किस्त में बढ़ोतरी का सुझाव दिया है।

सरकारी योजनाएं सुरक्षा कवच, सही तरीके से लागू करना अहम
एक समारोह में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रोफेसर ने कहा कि खेती-बाड़ी से होने वाली आय में कमजोरी आने पर सरकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों के लिए मददगार साबित होंगी। प्रोफेसर ने इस चुनौती से निपटने के लिए पीएम किसान के साथ साथ वीबी जी राम जी योजना को अहम सुरक्षा कवच बचाया। पीएम किसान की किस्त में बढ़ोतरी का सुझाव देने के साथ प्रोफेसर शेखर ने संभावना जताई कि इस साल ग्रामीण आय पर थोड़ा असर जरूर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का फायदा सही तरीके के लागू करने पर निर्भर होगा।

बारिश की कमी राज्यों और जिलों में अलग-अलग
इस खरीफ सीजन कम मानसूनी बारिश ने फसलों के उत्पादन में गिरावट के खतरे को जन्म दिया है।  बारिश से असमान वितरण पर बात करते हुए प्रोफेसर ने कहा कि कुल मानसूनी बारिश की कमी 10 से 12 प्रतिश रही है, लेकिन राज्यों और जिलों के हिसाब से बारिश के वितरण में भारी अंतर है, जैसे कुछ जिलों में बहुत ज्यादा बारिश हुई है, जबकि कई राज्यों और जिलों में बारिश की बहुत ज्यादा कमी देखने को मिली है। यही कमी फसल की पैदावार पर असर डालेगी।

पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद, महंगाई या खपत में बड़ी कमी का खतरा नहीं
प्रोफेसर शेखर ने गेहूं-चावल के बंपर सरकारी स्टॉक का हवाला देते हुए खाद्य महंगाई में बड़े उछाल या खपत में बड़ी गिरावट की संभावना से इनकार किया है। उन्होंने माना कि दुनिया भर के व्यापार मार्ग भले ही बाधाओं की चपेट में हैं, लिकन भारत की खाद्य सप्लाई के मोर्च पर तुरंत चिंता की बात नहीं है। 

खरीफ की भरपाई रबी सीजन कर सकता है
मजबूत रबी सीजन से खरीफ के नुकसान की भरपाई संभवकृषि विकास दर पर बात करते हुए प्रोफेसर शेखर ने कहा कि इस साल कृषि विकास पिछले साल की तुलना में करीब एक प्रतिशत अंक कम रह सकता है। हालांकि, एक मजबूत रबी सीजन खरीफ की इस कमजोरी को काफी हद तक संतुलित कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत में अक्सर यह देखा गया है कि जब भी खरीफ सीजन में कोई दिक्कत आती है, तो रबी सीजन का बेहतर प्रदर्शन उसकी भरपाई कर देता है। इसके अलावा, अधिकांश रबी फसलें सिंचित होती हैं, जिससे सर्दियों की फसलों पर मौसम की मार का जोखिम काफी कम हो जाता है।


विज्ञापन
विज्ञापन