विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Up Plan To Accelerate Agristack Initiative 20 Member Task Force Constituted To Be Chaired By The Chief Secre

UP: एग्रीस्टैक पहल को रफ्तार देने का प्लान, 20 सदस्यीय टास्क फोर्स गठित, मुख्य सचिव करेंगे अध्यक्षता, जानें...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 04 Oct 2026 11:52 AM IST
सार

  • यूपी में एग्रीस्टैक लागू करने के लिए 20 सदस्यीय टास्क फोर्स गठित
  • मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होगी राज्य स्तरीय टास्क फोर्स
  • हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय टीम बनेगी
  • फार्मर आईडी, डिजिटल नक्शे और फसल रजिस्ट्री पर रहेगा फोकस
  • 31 अक्तूबर तक केंद्र के पोर्टल पर भेजे जाएंगे प्रस्ताव

खेती-बाड़ी में डिजिटल तकनीक को लागू करने की राह में एग्रीस्टैक एक अहम पड़ाव है।
खेती-बाड़ी में डिजिटल तकनीक को लागू करने की राह में एग्रीस्टैक एक अहम पड़ाव है। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश सरकार ने MSP खरीद, खाद वितरण, सरकारी योजनाओं जैसे खेती-बाड़ी के मोर्चों पर डिजिटल तकनीक को लागू करने वाली एग्रीस्टैक पहल को लेकर बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 20 सदस्यों वाली टास्क फोर्स का गठन किया है। 

जानकारी के अनुसार, इस 20 सदस्यीय राज्य स्तरीय टास्क फोर्स में 9 प्रमुख विभागों के अपर मुख्य सचिवों को शामिल किया गया है। इनमें कृषि, राजस्व, वित्त, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सिंचाई और समाज कल्याण विभाग शामिल हैं। कृषि निदेशक को इस टास्क फोर्स का नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा इसमें पंचायती राज विभाग, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति , नाबार्ड और योजना विभाग के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे।

हर जिले में डीएम की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय विशेष टीम
राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की मदद के लिए प्रदेश के हर जिले में 12 सदस्यीय विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। जिला स्तरीय टीम के अध्यक्ष संबंधित जिले के जिलाधिकारी (डीएम) होंगे, जबकि उप कृषि निदेशक इसके संयोजक के रूप में काम करेंगे। इस जिला स्तरीय समिति में उद्यान, सिंचाई, भूमि संरक्षण, सहकारिता और पंचायती राज विभागों के अधिकारी भी सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

जानकारों के अनुसार, एग्रीस्टैक परियोजना के तीन अहम स्तंभ हैं, जिसमें फार्मर आईडी, डिजिटल नक्शा और फसल रजिस्ट्री शामिल है। फार्मर आईडी के तहत किसान को एक विशिष्ट पहचान संख्या दी जाती है। यही आईडी एमएसपी खरीद से लेकर सरकारी योजनाओं का फायदा आसानी से उठाने में मदद करती है। जियो-रेफरेंस्ड विलेज मैप के माध्यम से खेतों के भूखंडों को डिजिटल रूप से गांव की भौगोलिक सीमाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे खेतों का सटीक सत्यापन हो सकेगा। फसल रजिस्ट्री के तहत स्मार्टफोन एप और सैटेलाइट तस्वीरों की मदद से हर खेत में उगाई गई फसल का सटीक विवरण दर्ज और ट्रैक किया जाएगा।

31 अक्तूबर तक केंद्रीय मंत्रालय के पोर्टल पर भेजे जाएंगे प्रस्ताव
प्रमुख सचिव (कृषि) एमकेएस सुंदरम द्वारा विभिन्न विभागों को भेजे गए एक विस्तृत पत्र के अनुसार, राज्य और जिला स्तर की ये दोनों टास्क फोर्स एग्रीस्टैक के डाटा का पूरा उपयोग तय करेंगी और परियोजना को लागू करने में आने वाली मुख्य बाधाओं की पहचान करेंगी।

इसके बाद दोनों स्तरों पर विस्तृत प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे, जिन्हें 31 अक्तूबर तक केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा।


विज्ञापन
विज्ञापन