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Why Does Falling Sugarcane Reduce Its Sweetness It S Important To Know These Disadvantages
लगातार बारिश और तेज हवा से गन्ने की फसल गिरी : गन्ना गिरने से क्यों घटती है मिठास? जानना जरूरी है ये नुकसान
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Sun, 27 Sep 2026 01:42 PM IST
सार
कुशीनगर में लगातार बारिश और तेज हवा से गन्ने की फसल खेतों में गिर गई है। कुछ क्षेत्रों में 35% तक गन्ना गिरने और 40% तक झुकने की जानकारी है। विशेषज्ञ के अनुसार, गन्ना गिरने से उपज 25–30% और चीनी परता 1–1.5 यूनिट तक घट सकता है।
गन्ना गिरने से क्यों घटती है मिठास?
- फोटो : सोशल मीडिया
यूपी के कुशीनगर जिले में लगातार हो रही असमय बारिश और तेज हवाओं से गन्ने की फसल खेतों में गिर गई है। कई जगह बंधाई किया हुआ गन्ना भी जमीन पर लेट गया। इससे किसानों को उपज और गन्ने की मिठास दोनों में नुकसान की चिंता सताने लगी है। गन्ना विकास सलाहकार ओम प्रकाश गुप्ता के अनुसार, गन्ना गिरने से सामान्य स्थिति में 25 से 30 प्रतिशत तक उपज कम हो सकती है, जबकि चीनी परता भी 1 से 1.5 यूनिट तक घट सकता है।
गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र, गोरखपुर के पूर्व सहायक निदेशक एवं गन्ना विकास सलाहकार और गन्ना विशेष सम्मान से सम्मानित ओम प्रकाश गुप्ता ने हाटा, कसया, रामकोला, खकनाहा, पडरौना, लखुआ और खड्डा समेत कई गन्ना क्षेत्रों का दौरा कर फसलों की स्थिति देखी। उन्होंने किसानों से बातचीत कर बारिश और जलभराव से हुए नुकसान की जानकारी ली।
ढाढा क्षेत्र में 35 फीसदी गन्ना गिरा
चीनी मिल क्षेत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बारिश से गन्ने को बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है। रामकोला चीनी मिल के उप महाप्रबंधक (गन्ना) अनिल सिंह ने बताया कि क्षेत्र में करीब 47 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इस वर्ष अब तक यहां करीब 1110 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है।
सेवरही चीनी मिल क्षेत्र के डॉ. रामबीर सिंह के अनुसार, पिछले तीन दिनों में करीब 55 मिलीमीटर बारिश हुई है। नारायणी नदी में तेज बहाव के कारण अहरीली बांध के पास करीब 150 हेक्टेयर गन्ने की फसल नदी में कटकर बह गई। इसके अलावा करीब 1500 हेक्टेयर गन्ने की बंधाई कराई गई थी, जिसमें काफी फसल तेज हवा और बारिश के कारण गिर गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है।
ढाढा चीनी मिल के डिप्टी यूनिट हेड आरएस ढाका ने बताया कि पिछले तीन दिनों में करीब 60 मिलीमीटर बारिश हुई है और अभी भी बारिश जारी है। उनके अनुसार, ढाढा चीनी मिल क्षेत्र में करीब 35 प्रतिशत गन्ना गिर गया है, जबकि करीब 40 प्रतिशत गन्ना झुक गया है।
बंधाई के बाद भी नहीं बचा गन्ना
लखुआ गांव के किसान उमेश चंद्र गुप्ता ने अपने खेत में गिरी हुई गन्ने की फसल दिखाई। वहीं, रामपुर गोनहा के ग्राम प्रधान अर्थनिन्द गुप्ता ने बताया कि जिन किसानों ने गन्ने की बंधाई कराई थी, उनका गन्ना भी तेज हवा और बारिश के कारण गिर गया।
गन्ना गिरने से क्यों घटती है मिठास?
ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि गन्ना खेत में गिरने के बाद उसकी पत्तियां एक-दूसरे के ऊपर ढक जाती हैं। इससे पौधे में भोजन बनाने की प्रक्रिया यानी प्रकाश संश्लेषण प्रभावित होती है। गन्ना जमीन के संपर्क में आने पर उसकी गांठों से जड़ें निकलने लगती हैं और आंखें अंकुरित होने लगती हैं। इससे गन्ने की गुणवत्ता प्रभावित होती है और चीनी परता 1 से 1.5 यूनिट तक कम हो सकता है।
उन्होंने बताया कि जिन खेतों में करीब 30 सेंटीमीटर तक पानी एक महीने तक भरा रहता है, वहां गन्ने की मिल योग्य संख्या, मोटाई और लंबाई कम हो जाती है। इससे उपज में करीब 35 से 40 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। साथ ही गन्ने की मिठास भी घटती है।
धान की फसल भी हुई प्रभावित
लगातार बारिश और तेज हवा का असर केवल गन्ने पर ही नहीं पड़ा है। कई क्षेत्रों में पककर तैयार धान की फसल भी खेतों में गिर गई है। जलभराव वाले खेतों में कटी और खड़ी दोनों फसलों को नुकसान होने की आशंका है। ओम प्रकाश गुप्ता के अनुसार, असमय मूसलाधार बारिश किसानों के लिए दैवीय आपदा जैसी स्थिति लेकर आई है। इससे किसानों के साथ-साथ चीनी मिलों को भी नुकसान होने की आशंका है।
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