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गन्ना किसानों के लिए नई पर्ची व्यवस्था : छोटे किसानों की आपूर्ति पहले, ट्रेंच विधि वालों को भी प्राथमिकता

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 27 Sep 2026 01:56 PM IST
सार

2026-27 के गन्ना पेराई सत्र में छोटे, महिला और दिव्यांग किसानों को पर्ची जारी करने में प्राथमिकता मिलेगी। ट्रेंच या दोहरी पंक्ति विधि से गन्ना लगाने वाले किसानों को भी सामान्य व्यवस्था की तुलना में पहले पर्ची दी जाएगी।

गन्ना किसानों के लिए नई पर्ची व्यवस्था
गन्ना किसानों के लिए नई पर्ची व्यवस्था - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केएम शुगर मिल लिमिटेड, मोतीनगर (अयोध्या) ने गन्ना पेराई सत्र 2026-27 के लिए नई गन्ना कलेण्डरिंग नीति जारी की है। इसका उद्देश्य किसानों को गन्ना आपूर्ति की पर्चियां समय पर और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था में छोटे किसानों, महिला किसानों और दिव्यांग किसानों को पर्ची जारी करने में प्राथमिकता दी जाएगी। ट्रेंच और दोहरी पंक्ति विधि से गन्ना उगाने वाले किसानों को भी पर्ची जल्दी मिलने का लाभ दिया जाएगा।

छोटे किसानों को पहले मिलेगी पर्ची
मिल की नई व्यवस्था के अनुसार अति लघु किसानों को पेड़ी गन्ने की 100 फीसदी पर्चियां पहले पक्ष में मिलेंगी। पौधा गन्ने की पर्चियां सातवें पक्ष में जारी की जाएंगी। अति लघु किसानों की सीमा 45 क्विंटल तक या पांच पर्ची है।

लघु महिला किसानों को पेड़ी गन्ने की पर्चियां पहले और दूसरे पक्ष में दी जाएंगी, जबकि पौधा गन्ने की पर्चियां सातवें और आठवें पक्ष में जारी होंगी। इस श्रेणी में 90 क्विंटल तक या 10 पर्ची वाले किसान शामिल हैं।

60 फीसदी या इससे अधिक दिव्यांगता वाले किसानों, जिनका सट्टा 90 क्विंटल तक है, को पेड़ी गन्ने की पर्चियां पहले पक्ष में और पौधा गन्ने की पर्चियां सातवें पक्ष में दी जाएंगी। ऐसे किसानों की गन्ना आपूर्ति 15 दिनों में पूरी करने का प्रावधान है।

वहीं, लघु किसानों को पेड़ी गन्ने की पर्चियां पहले से तीसरे पक्ष तक और पौधा गन्ने की पर्चियां सातवें से नौवें पक्ष तक मिलेंगी। मिल के अनुसार ऐसे किसानों की गन्ना आपूर्ति मिल चलने के 45 दिनों के भीतर पूरी करने का लक्ष्य है।

ट्रेंच विधि से गन्ना लगाने वालों को अतिरिक्त लाभ
ट्रेंच यानी गहरी नाली और दोहरी पंक्ति विधि से गन्ना उगाने वाले किसानों को भी नई नीति में अतिरिक्त लाभ दिया गया है। शत-प्रतिशत पेड़ी वाले सामान्य किसानों की 52 फीसदी पर्चियां पहले से छठे पक्ष तक और बाकी 48 फीसदी पर्चियां सातवें से दसवें पक्ष तक जारी होंगी। ट्रेंच या दोहरी पंक्ति विधि अपनाने वालों की बाकी 48 फीसदी पर्चियां सातवें और आठवें पक्ष में ही पूरी कर दी जाएंगी। इसी तरह शत-प्रतिशत पौधा गन्ने की सामान्य पर्चियां छठे पक्ष से शुरू होंगी, जबकि ट्रेंच विधि वाले किसानों को पांचवें पक्ष से ही पर्चियां मिलना शुरू हो जाएंगी।

को. 15023 प्रजाति के लिए अलग व्यवस्था
शीघ्र पकने वाली गन्ने की प्रजाति को. 15023 उगाने वाले किसानों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इस प्रजाति के पेड़ी गन्ने की पर्चियां पहले और दूसरे पक्ष में तथा पौधा गन्ने की पर्चियां सातवें और आठवें पक्ष में जारी की जाएंगी। जिन किसानों या क्षेत्रों में को. 15023 प्रजाति का हिस्सा 40 फीसदी से अधिक है, वहां यह व्यवस्था 60 फीसदी तक की सीमा में लागू होगी।

नए समिति सदस्यों का कलेण्डर 15 नवंबर तक होगा लाइव
30 सितंबर 2026 तक गन्ना समिति के नए सदस्य बनने वाले किसानों का अंतिम कलेण्डर 15 नवंबर तक ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। सामान्य बुवाई वाले पेड़ी और शरदकालीन पौधा गन्ने की पर्चियां चौथे पक्ष से, जबकि ट्रेंच विधि वाले किसानों की पर्चियां तीसरे पक्ष से जारी होंगी।

शत-प्रतिशत पौधा गन्ने की पर्चियां सामान्य किसानों के लिए छठे पक्ष और ट्रेंच विधि वाले किसानों के लिए पांचवें पक्ष से शुरू होंगी। मिल ने स्पष्ट किया है कि छोटे किसानों के पास यदि अस्वीकृत किस्म का गन्ना है, तो उन्हें सामान्य कलेण्डर भागीदारी नियमों के अनुसार ही पर्चियां जारी की जाएंगी।

किसान अधिक जानकारी या सुझाव के लिए अपने क्षेत्र के गन्ना विकास निरीक्षक या मिल गेट कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए मुख्य महाप्रबंधक (गन्ना) वी.के. चतुर्वेदी और अधिशासी निदेशक एस.सी. अग्रवाल से भी संपर्क किया जा सकता है।
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