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राजस्थान में खुला देश का पहला बाजरा अनुसंधान केंद्र : सूखा-रोधी और हाइब्रिड किस्मों के विकास पर रहेगा फोकस...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 27 Sep 2026 02:15 PM IST
सार

  • राजस्थान ेमें खुला भारत का पहला बाजरा अनुसंधान केंद्र।
  • केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री और ICAR के महानिदेशक ने किया औपचारिक उद्घाटन।
  • तीन साल पहले केंद्र सी नींव डाली गई थी।
  • इस केंद्र में बाजरा की सूखा-रोधी और हाइब्रिड किस्मों के विकास पर ध्यान दिया जाएगा।

भारत को मिला देश का पहला बाजरा अनुसंधान केंद्र।
भारत को मिला देश का पहला बाजरा अनुसंधान केंद्र। - फोटो : गांव जंक्शन
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भारत को अपना पहला बाजरा अनुसंधान केंद्र मिल गया है। रविवार को राजस्थान के बालोतरा जिले के गुड़ामालानी में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और ICAR के महानिदेशक एम. एल. जाट ने इस केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया। बता दें कि इस केंद्र की नींव तीन साल पहले रखी गई थी।

बाजरा उत्पादन में राजस्थान नंबर-1, तीन साल में तैयार हुआ केंद्र 
बाजरा उत्पादन के मामले में राजस्थान सबसे बड़ा राज्य है। भारत के कुल बाजार उत्पादन में केवल राजस्थान ही 42 प्रतिशत का योगदान देता है। यह वजह है कि राजस्थान में ही बाजरे पर अनुसंधान के लिए यह केंद्र खोला गया है। जानकारी के अनुसार, इस केद्र में आधुनिक प्रयोगशालाएं, अनुसंधान के लिए खेत पूरी तरह तैयार है। अधिकारियों का कहना है कि गुड़ामालानी बाजरे की खेती के लिए अनुकूल इलाका है। इस समय केंद्र में पांच वैज्ञानिकों की टीम काम कर रही हैं।

जोधपुर से गुड़ामालानी स्थानांतरित हुई शोध इकाई
जानकारी के अनसुार, अखिल भारतीय समन्वित बाजरा अनुसंधान परियोजना के तहत पहले देशभर में 13 केंद्र चल रहे थे। दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर पर शोध में तालमेल बनाने का काम कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर के माध्यम से हो रहा था। अब बाजरा अनुसंधान से जुड़े तमाम कामों को एक ही जगह करने के लिए जोधपुर से यह सुविधा गुड़ामालानी में पहुंचा दी गई है।

सूखा-रोधी किस्मों और अच्छी गुणवत्ता के बीजों पर रहेगा फोकस 
यह नया केंद्र मुख्य रूप से सूखा-रोधी किस्मों, नई हाइब्रिड किस्मों, अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों के उत्पादन और शुष्क क्षेत्रों के अनुकूल फसल प्रबंधन तकनीकों को विकसित करने पर काम करेगा। इस शोध से बालोतरा, बाड़मेर, जालौर और आसपास के जिलों के किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

 


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