दिल्ली के बाजार में गेहूं की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। गेहूं का भाव उछलकर 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गया है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। ध्यान देने वाली बात यह है कि सरकार द्वारा खुला बाजार बिक्री योजना के तहत दूसरा बिक्री टेंडर जारी करने के बावजूद गेहूं की कीमतों में नरमी देखने को नहीं मिली है।
टेंडर निकलने के बाद चढ़े दाम
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, जिस दिन सरकार ने खुले बाजार में गेहूं की बिक्री के लिए टेंडर का एलान किया था, उस दिन बाजार में गेहूं का भाव 130 रुपये प्रति किल बढ़ गया।
गेहूं की सीमित उपलब्धता, सरकारी भंडार लबालब
जानकारों का कहना है कि टेंडर के बाद भई कीमतों में बढ़ोतरी का दौर गेहूं की मजबूत मांग और उसके मुकाबले बाजार में सीमित उपलब्धता को दिखाता है। हालांकि कीमतों में तेजी और सीमित सप्लाई की संभावना के बीच यह तथ्य है कि सरकारी गोदामों में गेहूं का बंपर स्टॉक रखा हुआ है। अक्तूबर के उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि केंद्रीय पूल में लगभग 460 लाख टन गेहूं का स्टॉक है, जो अक्तूबर 2024 के 333 लाख टन से काफी ज्यादा है।
निजी क्षेत्र में ंस्टॉक कम, त्योहारी सीजन से मांग से मजबूती
वर्तमान में व्यापारियों और भंडारण करने वाले के पास गेहूं का स्टॉक धीरे-धीरे कम हुआ है। दूसरी तरफ त्योहारी सीजन के कारण घरेलू बाजार में गेहूं की मांग मजबूत है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काला सागर क्षेत्र में चल रहे तनाव के कारण गेहूं की वैश्विक सप्लाई बाधित हुई है। इसके अलावा, भारत में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 5 फीसदी की बढ़ोतरी होने से घरेलू गेहूं अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगा हो गया है। इसके चलते वर्तमान में केवल बांग्लादेश से ही निर्यात की मांग आ रही है।