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Sugar stocks पर सरकार की नजर: कच्ची चीनी के आयात की समयसीमा बढ़ी, अब 31 दिसंबर तक मिलेगी छूट

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Fri, 23 Oct 2026 12:16 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की समयसीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी है। जानें चीनी उत्पादन के अनुमान, आयात की स्थिति और बाजार पर इसके असर की पूरी जानकारी।

चीनी
चीनी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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त्योहारी सीजन में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी रोकने के लिए केंद्र सरकार ने कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की समयसीमा दो महीने बढ़ा दी है। अब कारोबारी टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत 10 लाख टन कच्ची चीनी का आयात 31 दिसंबर 2026 तक कर सकेंगे। पहले इसकी अंतिम तारीख 31 अक्टूबर तय की गई थी। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में इसकी जानकारी दी गई है।

सरकार ने 20 अगस्त 2026 को 10 लाख टन कच्ची चीनी के बिना सीमा शुल्क आयात की अनुमति दी थी। हालांकि, अब तक इस कोटे के तहत आयात की रफ्तार धीमी रही है। समयसीमा बढ़ने से आयातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से चीनी खरीदने और उसे भारत लाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

अब तक कितना हुआ चीनी का आयात?
उद्योग जगत के आंकड़ों के मुताबिक, 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति मिलने के बावजूद अब तक करीब 2.6 लाख टन चीनी ही आयात हो सकी है। यानी तय कोटे के लगभग एक-चौथाई हिस्से का ही आयात हुआ है।

इसकी मुख्य वजह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतों का अंतर है। कारोबारियों के लिए विदेश से चीनी खरीदकर भारत लाना फिलहाल ज्यादा फायदेमंद नहीं है। ऐसे में सरकार ने आयात की समयसीमा बढ़ाई है, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें अनुकूल होने पर कारोबारी आसानी से चीनी मंगा सकें।

चीनी उत्पादन का अनुमान घटा
देश में चीनी उत्पादन के अनुमान में कमी आने के कारण भी सरकार आपूर्ति को लेकर सतर्क है। विपणन वर्ष 2025-26 (अक्टूबर से सितंबर) में चीनी उत्पादन का शुरुआती अनुमान 343 लाख टन था। ताजा अनुमान में इसे घटाकर 306 लाख टन कर दिया गया है।

वहीं, देश में चीनी की सालाना खपत करीब 280 से 285 लाख टन रहने का अनुमान है। उत्पादन घरेलू मांग से अधिक होने के बावजूद त्योहारी मांग, उपलब्ध स्टॉक और आगे की आपूर्ति को देखते हुए सरकार आयात का विकल्प खुला रखना चाहती है।

चीनी की कीमतों पर नजर
चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार आयात की समयसीमा बढ़ाने के साथ ही बाजार में स्टॉक की निगरानी भी कर रही है। जमाखोरी और कृत्रिम कमी रोकने के लिए कारोबारियों और थोक विक्रेताओं पर स्टॉक सीमा जैसे कदम उठाए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि त्योहारी सीजन और उसके बाद भी बाजार में चीनी की आपूर्ति बनी रहे और उपभोक्ताओं को कीमतों में अचानक बढ़ोतरी का सामना न करना पड़े।
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