विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Rising Demand For Rice In The Market Pushes Prices For Certain Paddy Varieties Up To 4 800 In Agricultural Ma

भारतीय चावल की मांग बढ़ी : मंडियों में ₹4,800 तक पहुंचा धान की इन किस्मों का दाम, किसानों के चेहरे खिले

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 23 Oct 2026 01:34 PM IST
सार

  • भारतीय चावल की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ने से धान की कीमतों में तेजी आई है।
  • कैथल जिले की मंडियों में धान की मच्छल किस्म का भाव 4,800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है।
  • बासमती की 1718 किस्म 4,500 रुपये और 1509 किस्म 4,800 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है।
  • चावल निर्यातकों के अनुसार, पुराने स्टॉक की उपलब्धता घटने और निर्यात मांग बढ़ने से धान के भाव को मजबूती मिली है।

कम स्टॉक और मांग में तेजी से धान की कीमतों में तेजी आई है।
कम स्टॉक और मांग में तेजी से धान की कीमतों में तेजी आई है। - फोटो : AI Image
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वैश्विक और घरेलू बाजार में भारतीय चावल की मांग में तेजी आने के कारण धान की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। इस तेजी का फायदा धान किसानों को भी मिल रहा है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, कैथल जिले के किसानों ने इस बार लगभग 34 हजार एकड़ जमीन पर बासमती धान की अलग-अलग किस्मों की खेती की है, जिसका उन्हें अब अच्छा मोल मिल रहा है।

धान की इन प्रीमियम किस्मों का भाव बढ़ा
बाजार में आई इस तेजी का असर मंडियों में साफ नजर आ रहा है। कैथल जिले की मंडियों में धान की मच्छल किस्म का भाव 4800 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है, जो कि पिछले साल की तुलना में करीब 700 रुपये अधिक है। इसी तरह, बासमती की 1718 किस्म भी 4500 रुपये प्रति क्विंटल तक के अच्छे भाव पर बिक रही है। वहीं, इस सीजन में धान की 1509 किस्म के भाव भी उछलकर 4800 रुपये प्रति क्विंटल तक जा पहुंचे हैं, जबकि पिछले साल इसके भाव महज 3800 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास थे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय चावल की मांग बढ़ी, पुराना स्टॉक कम
चावल निर्यातकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय चावल की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही घरेलू बाजार में चावल के पुराने स्टॉक की उपलब्धता भी घट गई है, जिससे धान की कीमतों को मजबूती मिली है। निर्यातकों का कहना है कि यदि बाजार में मांग का यही रुख आगे भी बना रहता है, तो आने वाले दिनों में धान के भाव में और भी अधिक तेजी देखने को मिल सकती है।

चावल निर्यात में हरियाणा का बड़ा योगदान
ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 तक की अवधि के दौरान भारत से कुल 85 लाख मीट्रिक टन चावल का निर्यात किया गया। इस कुल निर्यात में अकेले हरियाणा राज्य की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत रही है। आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा के प्रमुख बासमती उत्पादक जिलों जैसे करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र और पानीपत से बहुत बड़ी मात्रा में विदेशों को चावल भेजा गया है।


विज्ञापन
विज्ञापन